प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के साथ ही जाम की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शहर की वर्तमान यातायात व्यवस्था में सुधार और सड़क कनेक्टिविटी के साथ जंक्शन सुधारीकरण तथा पार्किंग की उपलब्धता पर चर्चा की गई। इसके अलावा नए पार्किंग स्थलों की संभावनाओं और मसूरी सहित अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों के सुचारु आवागमन को लेकर भी विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून की यातायात व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए। योजना बनाते समय शहर की वर्तमान आवश्यकताओं और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव के साथ पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों की सुविधा और उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं को ध्यान में रखा जाए ताकि शहरवासियों को जाम से राहत मिलने के साथ ही सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने मसूरी और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों के कारण शहर के भीतर बढ़ने वाले अनावश्यक यातायात दबाव को कम करने के लिए शहर के बाहर से वाहनों की आवाजाही की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मसूरी में पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शटल सेवा की प्रभावी योजना बनाने के साथ ही वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक मार्गों तथा सड़क कनेक्टिविटी में सुधार की संभावनाओं पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने मसूरी में पार्किंग के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता और संभावित भूमि खंडों के साथ सड़क मार्गों की क्षमता तथा यातायात प्रबंधन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन सीजन और अन्य व्यस्त अवसरों पर यातायात का दबाव नियंत्रित करने के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का अनावश्यक जमाव न हो और पर्यटकों को भी सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि देहरादून की यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए अन्य राज्यों के भीड़भाड़ वाले शहरों और प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनाए गए सफल यातायात प्रबंधन उपायों का अध्ययन किया जाए। वहां लागू व्यवस्थाओं और पार्किंग मॉडल के साथ वैकल्पिक मार्गों तथा यातायात नियंत्रण की प्रभावशीलता का आकलन करते हुए देहरादून की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को यातायात पुलिस और परिवहन विभाग तथा नगर नियोजक के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक यातायात प्रबंधन का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना में सड़क कनेक्टिविटी और जंक्शन सुधारीकरण के साथ पार्किंग स्थलों का विकास तथा वैकल्पिक मार्गों की संभावनाओं और यातायात दबाव वाले क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान को समुचित स्थान दिया जाए। बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि पूर्व में तैयार योजना के अंतर्गत 23 स्थलों पर पार्किंग प्रस्तावित की गई है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित स्थलों की उपयोगिता और व्यवहार्यता के साथ शहर की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विस्तृत समीक्षा की जाए। जिन स्थानों पर जंक्शन सुधारीकरण और पार्किंग निर्माण प्रस्तावित है वहां दोनों कार्यों की पारस्परिक उपयोगिता तथा यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग निर्माण के लिए केवल स्थल चिह्नित करना पर्याप्त नहीं है बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्थान पर पार्किंग विकसित होने से यातायात का दबाव कम होगा या नहीं। इसके साथ ही सड़क की चौड़ाई और वाहनों की आवाजाही के साथ प्रवेश तथा निकास व्यवस्था और उपलब्ध भूमि तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएं। जिलाधिकारी ने संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद को मसूरी क्षेत्र में वर्तमान में संचालित पार्किंग स्थलों और प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उप जिलाधिकारी सदर को देहरादून शहर में संचालित और प्रस्तावित पार्किंग स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्किंग स्थलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने की स्थिति और उपलब्ध भूमि के साथ भूमि खंडों की व्यवहार्यता रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का विवरण संकलित कर प्रस्तुत किया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात की समस्या के समाधान के लिए तत्काल प्रभाव से किए जा सकने वाले सुधारों और दीर्घकालिक आधारभूत संरचना विकास के उपायों को अलग-अलग चिह्नित किया जाए। अल्पकालिक योजना के अंतर्गत यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में आवश्यक सुधार और जंक्शन व्यवस्था के साथ पार्किंग प्रबंधन तथा यातायात संचालन को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार किया जाए। वहीं दीर्घकालिक योजना में वैकल्पिक मार्गों और सड़क कनेक्टिविटी के साथ नए पार्किंग स्थलों तथा शहर की भविष्य की यातायात आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं के विकास को शामिल किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए ठोस और व्यावहारिक तथा प्रभावी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए ताकि देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था व्यवस्थित बनाने के साथ नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित तथा सुगम और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद और पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात जगदीश पंत सहित मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
