प्रदीप कुमार
देवप्रयाग-टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी सड़क संबंधी मांगों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। विधायक विनोद कंडारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र के चार महत्वपूर्ण मोटर मार्गों के नव निर्माण एवं सुधारीकरण के लिए शासन से स्वीकृति मिली है। इन कार्यों के लिए कुल 513.33 करोड़ रुपये के शासनादेश स्वीकृत किए गए हैं। विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करना उनकी प्राथमिकता रही है और इन सड़कों की स्वीकृति क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वीकृत कार्यों में जाखेड़-सुमाड़ी-कपरोली मोटर मार्ग का नव निर्माण शामिल है। इसके साथ ही कक्कड़पाली-बागपानी होते हुए लूसी मोटर मार्ग का नव निर्माण किया जाएगा। तीसरे कार्य में बागवान-जामणीखाल मोटर मार्ग के भल्डियाना नामे शिव मंदिर से ग्राम भल्डियाना तक लिंक मोटर मार्ग का नव निर्माण किया जाएगा। वहीं चौथे कार्य में दुगड्डा-सौड़ू-पीपलीधार मोटर मार्ग से खजरा डागर तक लिंक मोटर मार्ग का सुधारीकरण किया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी। उपलब्ध कराए गए लोक निर्माण विभाग के शासनादेश के अनुसार जाखेड़ से सुमाड़ी होते हुए कपरोली तक मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्य को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह मार्ग जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड कीर्तिनगर के अंतर्गत आता है। इसकी कुल लंबाई 5.125 किलोमीटर निर्धारित की गई है तथा कार्य की कुल लागत 203.55 लाख रुपये यानी दो करोड़ तीन लाख 55 हजार रुपये है। शासनादेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस कार्य के लिए 10 हजार रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। यह स्वीकृति शासन स्तर पर विस्तृत आगणन के परीक्षण के बाद प्रदान की गई है। शासनादेश में कार्य शुरू करने से पहले निर्धारित स्थलों का ओजीएल एवं क्रॉस सेक्शन रिकॉर्ड तैयार करने तथा वास्तविक माप के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य शुरू करने से पहले नाप भूमि के मुआवजे का नियमानुसार वितरण करने और पहाड़ कटान से पूर्व मुआवजा प्रमाण पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले तथा कार्य के दौरान और कार्य समाप्त होने के बाद जीपीएस फोटोग्राफ एवं वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। विस्तृत आगणन में शामिल मदों के अनुसार ही कार्य कराया जाएगा और किसी भी मद की स्वीकृत धनराशि दूसरी मद में खर्च नहीं की जा सकेगी। वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामलों में वन विभाग के निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी स्वीकृति एवं आगणन में बदलाव केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी की सहमति से ही किया जा सकेगा। ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई और क्षतिपूर्ति की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता की जिम्मेदारी संबंधित अधिशासी अभियंता की होगी। स्वीकृत लागत से अधिक व्यय नहीं किया जाएगा तथा बजट मैनुअल और उत्तराखंड प्रोक्योरमेंट रूल्स 2025 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। वर्तमान में स्वीकृत धनराशि का व्यय 31 मार्च 2027 तक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा बेहतर होने से लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की समस्याओं और मांगों को शासन के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है तथा विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
