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डांग गांव में 40 वर्षों पुराना रास्ता अतिक्रमण से बाधित प्रो.डॉ.सीएमएस रावत ने रास्ता बहाल करने की उठाई मांग

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।नगर निगम श्रीनगर में शामिल हुआ डांग गांव में करीब 40-45 वर्षो से आम्रकुंज से डांग गांव के मेन रोड़ तक आने वाले रास्ते को अतिक्रमणकारियों ने खुर्दबुर्द कर दिया है। जिसमें स्थानीय निवासी द्वारा प्रशासन से शिकायत की गई। इस पर प्रशासन से नोटिस मिलने के बाद अतिक्रमणकारी ने काम तो रोक दिया,किंतु पैदल व दुपहिया वाहन के रास्ते को,जो खुर्दबुर्द किया है उसको अभी तक ठीक नहीं किया। जिससे क्षेत्र के सीनियर सिटिजन,माताये,बहने व स्कूली बच्चों तथा दुपहिया वाहनो के साथ-साथ मकान निर्माण सामग्री ले जाने वाले घोडे खच्चरो के संचालको को चालकों भारी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। डांग गांव के स्थानीय निवासी एवं श्रीनगर मेडिकल कालेज मे कार्यरत वरिष्ठतम प्रोफेसर (डॉ.) सीएमएस रावत ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि वर्ष 2000 के आस-पास सरकार द्वारा इसमे करीब आठ फीट की पक्की सीमेनटेड रोड बनाई गई है।आम्रकुंज से सौरभ मेडिकोज तक और दाहिने तरफ पराग डेरी,पौडी रोड,गंगा मोड़ दर्शन तथा बाहिने तरफ ग्लास हाऊस ऐठाणा व बुघाणी खिर्सू रोड की ओर जाने वाले रास्ते का पिछले करीब 40-45 वर्षो से क्षेत्र के लोगो द्वारा अपने घर,दफ्तर,स्कूल,प्रतिष्ठान,खेत,जंगल व रोजमर्रा के दैनिक प्रयोग हेतु किया जा रहा है। यहां के इस पुराने रास्ते को खुर्दबुर्द कर दिया गया है। दुपहिया वाहनों चालको के साथ ही पैदल चलने वाली आम राहगीरों यथा बुजुर्ग,मातायें,बहनो,स्कूल जाने वाले बच्चो सभी आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। कई राहगीरो को मध्यम से भारी चोटे आई है/ आ रही है। दुपहिया वाहन गिर व फंस रहे है। क्षेत्र के लोग इस कुकृत्य से भारी मानसिक वेदना मे है। कई लोगो तब से नींद न आने की समस्या हो गई है,मानसिक वेदना व ब्लड प्रेशर की की दिक्कत हो गई है। डॉ.रावत ने कहा कि शिकायत दर्ज उपरांत त्वरित कार्रवाई कर प्रशासन द्वारा के द्वारा अवैध काम रोक दिया है,पर करीब ढाई महीने से अधिक बीत जाने व सम्बंधित को नोटिस मिलने पर भी उक्त रास्ते को पूर्व की भांति यथास्थिति पर अभी तक नही लाया है,जिससे कि आमजन की परेशानी हल हो सके। सभी सम्बन्धित नगर निगम ने जनप्रतिनिधिगणो ( सम्मानित पार्षद गणो) व क्षेत्रवासियो द्वारा भी स्थानीय प्रशासन से अपील की गई है। पुनः निवेदन किया कि जनहित मे न्याय मिले। जिससे उक्त वर्षो पुराने रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही आम लोगों के लिए आवाजाही हेतु पूर्व की भांति सुविधाजनक बनाया जा सके।डाॅ.रावत ने कहा कि जिसने भी यह कुत्सित कार्य किया है उसको सख्त से सख्त सजा मिले। न्याय के लिए अगर माननीय हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट भी जाना पडे तो सत्य के लिए जनहित मे उनकी लडाई न्याय मिलने तक जारी रहेगी।

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