ट्राइडेंट पार्क का निर्माण कार्य समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करें–जिलाधिकारी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।पौड़ी नगर के मध्य स्थित निर्माणाधीन ट्राइडेंट पार्क शीघ्र ही एक भव्य स्वरूप ग्रहण करने जा रहा है। रविवार 21अप्रैल(आज) को पार्क परिसर में 11.5 टन वजनी पीतल से निर्मित त्रिशूल की स्थापना की जाएगी,जिससे यह स्थल नगरवासियों,सैलानियों के लिए एक नया दर्शनीय केंद्र बनेगा। जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने शनिवार देर शाम स्थलीय निरीक्षण कर पार्क निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया।उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने त्रिशूल की संतुलन व्यवस्था (बैलेंसिंग) और फिनिशिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा।निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोनिवि पाबौ कलम सिंह नेगी ने बताया कि त्रिशूल के मैटेलिक फेब्रिकेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और उसे बेस से जोड़ने हेतु हैवी क्रेन निर्माण स्थल पर पहुंच चुकी है। नियोजित कार्यक्रमानुसार,रविवार 21 अप्रैल को त्रिशूल के मेटल भाग को सफलतापूर्वक बेस से जोड़ दिया गया।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि त्रिशूल स्थापना के उपरांत फ्लोरिंग तथा विला एक्सटीरियर स्टाइल रेलिंग का कार्य तेजी से पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क की दीवारों को भित्तिचित्रों (म्यूरल्स) से सजाया जाएगा,जिससे यह स्थान न केवल आध्यात्मिक,बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी समृद्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ,तहसीलदार दीवान सिंह राणा,कानूनगो,राजस्व निरीक्षक एवं निर्माणदायी एजेंसी के विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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ट्राइडेंट पार्क का निर्माण कार्य समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करें–जिलाधिकारी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।पौड़ी नगर के मध्य स्थित निर्माणाधीन ट्राइडेंट पार्क शीघ्र ही एक भव्य स्वरूप ग्रहण करने जा रहा है। रविवार 21अप्रैल(आज) को पार्क परिसर में 11.5 टन वजनी पीतल से निर्मित त्रिशूल की स्थापना की जाएगी,जिससे यह स्थल नगरवासियों,सैलानियों के लिए एक नया दर्शनीय केंद्र बनेगा। जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने शनिवार देर शाम स्थलीय निरीक्षण कर पार्क निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया।उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने त्रिशूल की संतुलन व्यवस्था (बैलेंसिंग) और फिनिशिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा।निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोनिवि पाबौ कलम सिंह नेगी ने बताया कि त्रिशूल के मैटेलिक फेब्रिकेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और उसे बेस से जोड़ने हेतु हैवी क्रेन निर्माण स्थल पर पहुंच चुकी है। नियोजित कार्यक्रमानुसार,रविवार 21 अप्रैल को त्रिशूल के मेटल भाग को सफलतापूर्वक बेस से जोड़ दिया गया।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि त्रिशूल स्थापना के उपरांत फ्लोरिंग तथा विला एक्सटीरियर स्टाइल रेलिंग का कार्य तेजी से पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क की दीवारों को भित्तिचित्रों (म्यूरल्स) से सजाया जाएगा,जिससे यह स्थान न केवल आध्यात्मिक,बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी समृद्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ,तहसीलदार दीवान सिंह राणा,कानूनगो,राजस्व निरीक्षक एवं निर्माणदायी एजेंसी के विशेषज्ञ उपस्थित थे।