श्रीनगर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छता में अग्रणी बनाने को निगम की नई मुहिम
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर एक नई पहल की शुरुआत की है,जिसमें अब शहर के स्कूलों की भागीदारी को भी शामिल किया गया है। नगर निगम का उद्देश्य स्वच्छता को केवल प्रशासनिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए सामाजिक आंदोलन का रूप देना है,और इसके लिए स्कूली छात्रों को अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है। शनिवार को निगम सभागार में आयोजित विशेष बैठक में शहर के कई सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हुए। बैठक में यह तय किया गया कि स्कूल स्तर पर छात्रों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा और उनके माध्यम से समाज में साफ-सफाई का संदेश फैलाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत निगम के वार्ड-10 से हुई,जहां छात्रों ने प्लास्टिक बोतलों में कचरा भरकर उनका उपयोग पौधों के रोपण के लिए किया। इस रचनात्मक प्रयास से न केवल प्लास्टिक कचरे का समाधान मिला,बल्कि पर्यावरण को लेकर भी सकारात्मक संदेश गया।निगम ने इन छात्रों को सम्मानित कर उनके कार्य की सराहना की।नगर निगम की योजना है कि इस पहल को अन्य वार्डों में भी लागू किया जाए। साथ ही,निगम अब इन बोतलों को नागरिकों से खरीदने की योजना बना रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रयास से जुड़ें। इससे न केवल पर्यावरण को फायदा होगा,बल्कि नागरिकों को आर्थिक रूप से भी प्रोत्साहन मिलेगा। नगर निगम मेयर आरती भंडारी ने कहा कि श्रीनगर को देश के स्वच्छतम शहरों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि आगे चलकर सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा ताकि स्वच्छता एक जन-भागीदारी का विषय बन सके। बैठक में उपस्थित स्कूल प्रतिनिधियों ने भी अभियान का समर्थन करते हुए अपने-अपने स्कूलों में स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों के आयोजन की बात कही।
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श्रीनगर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छता में अग्रणी बनाने को निगम की नई मुहिम
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर एक नई पहल की शुरुआत की है,जिसमें अब शहर के स्कूलों की भागीदारी को भी शामिल किया गया है। नगर निगम का उद्देश्य स्वच्छता को केवल प्रशासनिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए सामाजिक आंदोलन का रूप देना है,और इसके लिए स्कूली छात्रों को अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है। शनिवार को निगम सभागार में आयोजित विशेष बैठक में शहर के कई सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हुए। बैठक में यह तय किया गया कि स्कूल स्तर पर छात्रों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा और उनके माध्यम से समाज में साफ-सफाई का संदेश फैलाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत निगम के वार्ड-10 से हुई,जहां छात्रों ने प्लास्टिक बोतलों में कचरा भरकर उनका उपयोग पौधों के रोपण के लिए किया। इस रचनात्मक प्रयास से न केवल प्लास्टिक कचरे का समाधान मिला,बल्कि पर्यावरण को लेकर भी सकारात्मक संदेश गया।निगम ने इन छात्रों को सम्मानित कर उनके कार्य की सराहना की।नगर निगम की योजना है कि इस पहल को अन्य वार्डों में भी लागू किया जाए। साथ ही,निगम अब इन बोतलों को नागरिकों से खरीदने की योजना बना रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रयास से जुड़ें। इससे न केवल पर्यावरण को फायदा होगा,बल्कि नागरिकों को आर्थिक रूप से भी प्रोत्साहन मिलेगा। नगर निगम मेयर आरती भंडारी ने कहा कि श्रीनगर को देश के स्वच्छतम शहरों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि आगे चलकर सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा ताकि स्वच्छता एक जन-भागीदारी का विषय बन सके। बैठक में उपस्थित स्कूल प्रतिनिधियों ने भी अभियान का समर्थन करते हुए अपने-अपने स्कूलों में स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों के आयोजन की बात कही।