सहकारी संस्थागत सेवामण्डल नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।सहकारिता विभाग के अंतर्गत होने वाली नियुक्तियां अब पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। इसके लिये राज्य कैबिनेट ने "उत्तराखंड सहकारी संस्थागत सेवामंडल नियमावली" को मंजूरी दी है। राज्य सरकार का यह निर्णय न केवल प्रदेश के युवाओं को समान अवसर की गारंटी देगा,बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात,भ्रष्टाचार और दबाव की संभावना को भी समाप्त करेगा।सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्त को वर्ष 2001 में लागू नियमावली की जगह अब आधुनिक,पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाती व्यवस्था लागू हो जायेगी। नई नियमावली में कई प्रावधान किये गये है।नई नियमावली के मुख्य प्रावधान राज्य और जिला सहकारी बैंकों सहित सभी सहकारी समितियों में भर्ती प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।कार्मिकों के कैडर प्रबंधन,सेवा संबंधी नीतियों का निर्माण,प्रशिक्षण और अनुशासनात्मक नियंत्रण में व्यापक सुधार।सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा,प्रदेश सरकार का संकल्प है कि हर नियुक्ति केवल और केवल योग्यता के आधार पर होगई। IBPS जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान से भर्ती कराने का निर्णय हमारी पारदर्शिता,ईमानदारी और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह कदम युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।डॉ.रावत ने स्पष्ट किया कि "योग्यता और पारदर्शिता ही हमारी भर्ती प्रक्रिया की नींव है।हमारा लक्ष्य है कि प्रतिभा को उसका उचित सम्मान और अवसर मिले,बिना किसी भेदभाव या पक्षपात के।यह ऐतिहासिक निर्णय न केवल उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक नई आशा का संचार करेगा,बल्कि प्रदेश को भ्रष्टाचारमुक्त,जवाबदेह और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशासन की दिशा में आगे ले जाएगा। सहकारिता विभाग की यह पहल आने वाले समय में सुशासन की मिसाल बनकर पूरे देश के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगी।
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सहकारी संस्थागत सेवामण्डल नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।सहकारिता विभाग के अंतर्गत होने वाली नियुक्तियां अब पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। इसके लिये राज्य कैबिनेट ने “उत्तराखंड सहकारी संस्थागत सेवामंडल नियमावली” को मंजूरी दी है। राज्य सरकार का यह निर्णय न केवल प्रदेश के युवाओं को समान अवसर की गारंटी देगा,बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात,भ्रष्टाचार और दबाव की संभावना को भी समाप्त करेगा।सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने बताया कि विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्त को वर्ष 2001 में लागू नियमावली की जगह अब आधुनिक,पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाती व्यवस्था लागू हो जायेगी। नई नियमावली में कई प्रावधान किये गये है।नई नियमावली के मुख्य प्रावधान राज्य और जिला सहकारी बैंकों सहित सभी सहकारी समितियों में भर्ती प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।कार्मिकों के कैडर प्रबंधन,सेवा संबंधी नीतियों का निर्माण,प्रशिक्षण और अनुशासनात्मक नियंत्रण में व्यापक सुधार।सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा,प्रदेश सरकार का संकल्प है कि हर नियुक्ति केवल और केवल योग्यता के आधार पर होगई। IBPS जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान से भर्ती कराने का निर्णय हमारी पारदर्शिता,ईमानदारी और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह कदम युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।डॉ.रावत ने स्पष्ट किया कि “योग्यता और पारदर्शिता ही हमारी भर्ती प्रक्रिया की नींव है।हमारा लक्ष्य है कि प्रतिभा को उसका उचित सम्मान और अवसर मिले,बिना किसी भेदभाव या पक्षपात के।यह ऐतिहासिक निर्णय न केवल उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक नई आशा का संचार करेगा,बल्कि प्रदेश को भ्रष्टाचारमुक्त,जवाबदेह और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशासन की दिशा में आगे ले जाएगा। सहकारिता विभाग की यह पहल आने वाले समय में सुशासन की मिसाल बनकर पूरे देश के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगी।