ग्रामोत्थान परियोजना के तहत सकौती गांव में मुख्य विकास अधिकारी ने किया भूमि का मुआयना
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार उत्तराखंड: 29 अगस्त को,मुख्य विकास अधिकारी सीडीओ आकांक्षा कोण्डे ने विकासखंड नारसन के गांव सकौती में 'ग्रामोत्थान रीप परियोजना' के अंतर्गत प्रस्तावित वे साइड अमीनिटीज सड़क किनारे सुविधाएं के निर्माण के लिए भूमि का भौतिक मुआयना किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करना था।यह परियोजना ग्रामीण विकास और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों SHGs द्वारा बनाए गए उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के विपणन के लिए स्थायी आउटलेट्स स्थापित किए जाएंगे। ये आउटलेट्स महिला समूहों को अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुँचाने में मदद करेंगे,जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी,बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।भूमि के निरीक्षण के साथ ही,मुख्य विकास अधिकारी ने परियोजना से जुड़े सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ एक बैठक की। इस बैठक में परियोजना निदेशक,डीआरडीए कैलाश नाथ तिवारी,तहसीलदार रूड़की विकास अवस्थी,जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना,खंड विकास अधिकारी नारसन सुभाष सैनी,आर्टिटेक्ट संजय पाल,ब्लॉक रीप परियोजना से राशिद और ललित व एनआरएलएम ब्लॉक से प्रशांत,तथा ग्राम प्रधान ने भाग लिया।बैठक के दौरान,सभी अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और इसे समय पर और कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।सीडीओ ने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खोलेगी और स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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ग्रामोत्थान परियोजना के तहत सकौती गांव में मुख्य विकास अधिकारी ने किया भूमि का मुआयना
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार उत्तराखंड: 29 अगस्त को,मुख्य विकास अधिकारी सीडीओ आकांक्षा कोण्डे ने विकासखंड नारसन के गांव सकौती में ‘ग्रामोत्थान रीप परियोजना’ के अंतर्गत प्रस्तावित वे साइड अमीनिटीज सड़क किनारे सुविधाएं के निर्माण के लिए भूमि का भौतिक मुआयना किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करना था।यह परियोजना ग्रामीण विकास और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों SHGs द्वारा बनाए गए उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के विपणन के लिए स्थायी आउटलेट्स स्थापित किए जाएंगे। ये आउटलेट्स महिला समूहों को अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुँचाने में मदद करेंगे,जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी,बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देगी।भूमि के निरीक्षण के साथ ही,मुख्य विकास अधिकारी ने परियोजना से जुड़े सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ एक बैठक की। इस बैठक में परियोजना निदेशक,डीआरडीए कैलाश नाथ तिवारी,तहसीलदार रूड़की विकास अवस्थी,जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना,खंड विकास अधिकारी नारसन सुभाष सैनी,आर्टिटेक्ट संजय पाल,ब्लॉक रीप परियोजना से राशिद और ललित व एनआरएलएम ब्लॉक से प्रशांत,तथा ग्राम प्रधान ने भाग लिया।बैठक के दौरान,सभी अधिकारियों ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और इसे समय पर और कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।सीडीओ ने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खोलेगी और स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।