भालू जागरूक सप्ताह के तहत किया जा रहा ग्रामीणों को जागरूक
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद के अंतर्गत वन्यजीव भालू की घटनाओ में बढोतरी होने के मध्यनजर वन विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में भालू-जागरूकता सप्ताह का अयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत प्रभाग के नियन्त्रणाधीन विभिन्न रेंजों में भालू संवेदनशील ग्राम व शहरी क्षेत्रों में जाकर आम जनमानस को भालू से बचाव संबंधी गोष्ठियां एवं जागरूकता आदि कार्य किये जा रहे हैं।जन जागरूकता कार्यक्रम के तहत स्थानीय लोगों,विद्यालयी छात्र-छात्राओं को वन्यजीवों से सुरक्षा के उपाय बताये जा रहे हैं तथा ड्रोन एवं कैमरा ट्रेपिंग द्वारा भालू के आवागमन मार्ग का चिन्हीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा वन्य जीवों से बचाव को रोकने एवं मानव-भालू संघर्ष के न्यूनीकरण हेतु घरों के आस-पास झाडियों की नियमित सफाई करें,बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोडें और उनकी सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें,वनों से जुडे क्षेत्र मे जाते समय मजबूत छडी या डंडा हमेशा अपने साथ रखें,सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में वनों से लगे क्षेत्रों मे न जायें,वनों से जुडे क्षेत्रों मे समूह मे ही यात्रा करें,गांव व बस्ती के पास भालू,गुलदार या अन्य वन्यजीव दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें,पालतू मवेशी हेतु पक्की गौशाला का निर्माण करें,तथा भालू व अन्य वन्यजीव दिखायी देने पर वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं उन्हें पत्थर या डंडे से न मारें,जंगली जानवरों के बारे में गलत जानकारी,अफवाह या डर का माहौल न बनाएं,खाने का अपशिष्ट/कचरा खुले में न डालें,यह वन्यजीवों को आकर्षित होता है,वनों से जुडे क्षेत्रों मे तेज गंध वाले पदार्थों का उपयोग न करें,इससे भालू आकर्षित होता है,पालतू मवेशियो को खुले मे न छोडे।प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन द्घारा बताया गया कि उक्त कार्यक्रम के आयोजन से विगत तीन-चार दिनों में भालू की घटनाओं में कमी भी देखी गयी है। उन्होंने बताया कि भालू-जागरूकता सप्ताह का अयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है।
Spread the love
भालू जागरूक सप्ताह के तहत किया जा रहा ग्रामीणों को जागरूक
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद के अंतर्गत वन्यजीव भालू की घटनाओ में बढोतरी होने के मध्यनजर वन विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में भालू-जागरूकता सप्ताह का अयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत प्रभाग के नियन्त्रणाधीन विभिन्न रेंजों में भालू संवेदनशील ग्राम व शहरी क्षेत्रों में जाकर आम जनमानस को भालू से बचाव संबंधी गोष्ठियां एवं जागरूकता आदि कार्य किये जा रहे हैं।जन जागरूकता कार्यक्रम के तहत स्थानीय लोगों,विद्यालयी छात्र-छात्राओं को वन्यजीवों से सुरक्षा के उपाय बताये जा रहे हैं तथा ड्रोन एवं कैमरा ट्रेपिंग द्वारा भालू के आवागमन मार्ग का चिन्हीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा वन्य जीवों से बचाव को रोकने एवं मानव-भालू संघर्ष के न्यूनीकरण हेतु घरों के आस-पास झाडियों की नियमित सफाई करें,बच्चों और बुजुर्गों को अकेला न छोडें और उनकी सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें,वनों से जुडे क्षेत्र मे जाते समय मजबूत छडी या डंडा हमेशा अपने साथ रखें,सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में वनों से लगे क्षेत्रों मे न जायें,वनों से जुडे क्षेत्रों मे समूह मे ही यात्रा करें,गांव व बस्ती के पास भालू,गुलदार या अन्य वन्यजीव दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें,पालतू मवेशी हेतु पक्की गौशाला का निर्माण करें,तथा भालू व अन्य वन्यजीव दिखायी देने पर वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं उन्हें पत्थर या डंडे से न मारें,जंगली जानवरों के बारे में गलत जानकारी,अफवाह या डर का माहौल न बनाएं,खाने का अपशिष्ट/कचरा खुले में न डालें,यह वन्यजीवों को आकर्षित होता है,वनों से जुडे क्षेत्रों मे तेज गंध वाले पदार्थों का उपयोग न करें,इससे भालू आकर्षित होता है,पालतू मवेशियो को खुले मे न छोडे।प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन द्घारा बताया गया कि उक्त कार्यक्रम के आयोजन से विगत तीन-चार दिनों में भालू की घटनाओं में कमी भी देखी गयी है। उन्होंने बताया कि भालू-जागरूकता सप्ताह का अयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है।