चमोली के नंदानगर घाट में आपदा से प्रभावित पशुओं के लिए पशुपालन विभाग की टीमें तैनात
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में पशुपालन विभाग,जनपद चमोली द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्यवाही की जा रही है। नंदानगर घाट तहसील के अन्तर्गत ग्राम कुन्तरी,धुर्मा एवं सेरा में आई दैवीय आपदा से जहाँ भारी मानवीय हानि हुई,वहीं पशुधन का भी काफ़ी नुकसान हुआ है।मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.असीम देब ने बताया कि विभागीय कार्मिकों को आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में घायल पशुओं का उपचार किया जा रहा है तथा मृत पशुओं के शवों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर नियमानुसार निस्तारण कराया जा रहा है।मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पशुपालन विभाग की दो टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। प्रत्येक टीम में एक पशुचिकित्साधिकारी,एक पशुधन प्रसार अधिकारी एवं एक पशुधन सहायक शामिल हैं इसके साथ ही रोस्टर के हिसाब से अन्य कार्मिकों की ड्यूटी भी लगायी गयी है। टीमों को चोटिल पशुओं को तत्काल राहत व प्राथमिक उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि जहाँ आवश्यकता है वहाँ प्रभावित पशुपालकों को कम्पैक्ट फीड ब्लॉक उपलब्ध कराए जा रहे हैं,जिससे पशुधन को पोषण की कमी का सामना न करना पड़े।
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चमोली के नंदानगर घाट में आपदा से प्रभावित पशुओं के लिए पशुपालन विभाग की टीमें तैनात
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में पशुपालन विभाग,जनपद चमोली द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्यवाही की जा रही है। नंदानगर घाट तहसील के अन्तर्गत ग्राम कुन्तरी,धुर्मा एवं सेरा में आई दैवीय आपदा से जहाँ भारी मानवीय हानि हुई,वहीं पशुधन का भी काफ़ी नुकसान हुआ है।मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.असीम देब ने बताया कि विभागीय कार्मिकों को आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में घायल पशुओं का उपचार किया जा रहा है तथा मृत पशुओं के शवों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर नियमानुसार निस्तारण कराया जा रहा है।मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पशुपालन विभाग की दो टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। प्रत्येक टीम में एक पशुचिकित्साधिकारी,एक पशुधन प्रसार अधिकारी एवं एक पशुधन सहायक शामिल हैं इसके साथ ही रोस्टर के हिसाब से अन्य कार्मिकों की ड्यूटी भी लगायी गयी है। टीमों को चोटिल पशुओं को तत्काल राहत व प्राथमिक उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि जहाँ आवश्यकता है वहाँ प्रभावित पशुपालकों को कम्पैक्ट फीड ब्लॉक उपलब्ध कराए जा रहे हैं,जिससे पशुधन को पोषण की कमी का सामना न करना पड़े।