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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से विश्व रेबीज सप्ताह के लिए राजकीय इंटर कॉलेज मयकोटी में गोष्ठी हुआ आयोजन

प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में विश्व रैबीज सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में रेबीज से बचाव के लिए जानवरों के काटने पर एंटी रैबीज टीकाकरण करवाने सहित रेबीज नियंत्रण के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। इस अवसर पर रेबीज कारण व बचाव विषय पर आयोजित क्वीज में सागर ने बाजी मारी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राम प्रकाश के निर्देशन में अगस्त्यमुनि ब्लाक के अंतर्गत राजकीय इंटर कालेज मयकोटी में रेबीज जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डाॅ.शाकिब हुसैन ने बताया कि रेबीज से बचाव इसके प्रबंधन और टीकाकरण के प्रति जनजागरूकता के लिए हर वर्ष 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। बताया कि रेबीज एक विषाणु जनित रोग है,कुत्ते,बिल्ली,बंदर आदि जानवरों के काटने या खरोचने से रेबीज संक्रमण होता है,इसके लक्षण दिखने में काफी समय लग जाता है और देर होने पर यह जानलेवा भी हो सकता है,लेकिन यदि समय रहते इसके प्रति सचेत हो चाएं तो रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि कुत्ता या अन्य जानवर के काटने पर घरेलू उपचार न करें,घाव को साबुन और बहते साफ पानी से 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह से धोने,घाव को खुला छोड़ने व घाव पर टांके न लगाएं व तुरंत नजदीकी क्लीनिक या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डाक्टर की सलाह के अनुसार एंटी रेबीज का टीका लगवाने व रेबीज टीकाकरण का पूरा कोर्स सुनिश्चित करें। कहा कि सरकारी चिकित्सालय मे रेबीज का टीका निःशुल्क उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि पालतू जानवरों में रेबीज से बचाव के लिए जरूरी उपाय करने हेतु भी जागरूकता फैलाने पर जोर दिया,कहा कि पालतू जानवरों व मोहल्ले के पालतू जानवरों कों नियमित एंटी रेबीज का टीका लगवाएं,पालतू जानवरों को हमेश अपनी निगरानी में रखने,पालतू जानवर को किसी अज्ञात जानवर के काटनने पर तत्काल उसे एंटी रेबीज का टीका लगवाने व पालतू जानवर को आवारा जानवर से दूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामुदाय स्तर पर रेबीज की रोकथाम के लिए मोहल्ले में जानवर के काटने की घटना होने पर तत्काल नगर पालिका/पंचायत को सूचित करें। गोष्ठी के द्वितीय सत्र में रैबीज कारण व बचाव विषय पर आयोजित क्वीज में कक्षा 12 के सागर को प्रथम,कक्षा 11 की मेघा को द्वितीय व कक्षा 12 की दीपिका को तृतीय स्थान हासिल करने पर पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को रैबीज जागरूकता पर आधारित प्रचार-सामग्री भी वितरित की गई।वहीं,विभिन्न चिकित्सा इकाईयों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा जानवरों से बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियात बरतने का परामर्श दिया गया। कहा गया कि प्रायःदेखा जाता है कि बच्चे कुत्ते या पालतू जानवर के साथ खेलते हैं और खेल-खेल में कुत्ते बच्चों को काट देते हैं। कहा कि बच्चों को कुत्ते के व्यवहार व शारीरिक भाषा के बारे में शिक्षित करें। बच्चों को समझाएं कि सोते या भोजन करते जानवर को न छेड़े,और जानवर के बच्चों को भी न छेड़े।

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