विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर आयोजित हुई कार्यशाला
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला मुख्यालय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने कहा कि पशु चाहे आवारा हों,जंगली हों या पालतू,सभी को स्नेह, देखभाल और सम्मान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पशुओं की रक्षा केवल पशु चिकित्सकों की नहीं,बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।विकास भवन सभागार में आयोजित विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और पशु कल्याण एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं। कहा कि हमें न केवल पशु चिकित्सकों के कार्यों के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए,बल्कि स्वयं भी पशुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।उन्होंने सभी पशु चिकित्सकों को और बेहतर कार्य करने को कहा।उन्होंने कहा कि पशु पालकों को अधिक से अधिक योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करें।जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों को सम्मानित भी किया। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि विश्व पशु चिकित्सा दिवस के उपलक्ष में जिले भर में विभिन्न स्थानों पर नि:शुल्क टीकाकरण शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में रेबीज टीकाकरण,पशुओं के संतुलित आहार परामर्श सहित अन्य स्वास्थ्य परीक्षण नि:शुल्क किए गए। उन्होंने कार्यशाला में यह भी बताया कि पशुओं की बीमारियाँ न केवल उनके लिए घातक होती हैं,बल्कि कई बार ये बीमारियाँ मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं। इसलिए समय पर रोकथाम व टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम में डॉ.दीक्षा ने पीपीटी प्रजेंटेशन के माध्यम से पशुओं के स्वास्थ्य के लिए चिकित्सकों, पशुपालकों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी पर ज़ोर दिया। वहीं डॉ.रिंकल ने इक्वाइन इन्फ्लूएंजा जैसी घातक बीमारी के लक्षण,बचाव व उपचार के उपाय बताए। साथ ही डॉ.तृप्ति ने रेबीज बीमारी की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए समय पर टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।इस मौके पर अपर निदेशक डॉ.भूपेंद्र सिंह जंगपांगी,अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल,संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र सेट,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,मुख्य कोषाधिकारी गिरीश चंद्र,जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी,बाल विकास अधिकारी देवेंद्र थपलियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर आयोजित हुई कार्यशाला
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला मुख्यालय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने कहा कि पशु चाहे आवारा हों,जंगली हों या पालतू,सभी को स्नेह, देखभाल और सम्मान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पशुओं की रक्षा केवल पशु चिकित्सकों की नहीं,बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।विकास भवन सभागार में आयोजित विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और पशु कल्याण एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं। कहा कि हमें न केवल पशु चिकित्सकों के कार्यों के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए,बल्कि स्वयं भी पशुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।उन्होंने सभी पशु चिकित्सकों को और बेहतर कार्य करने को कहा।उन्होंने कहा कि पशु पालकों को अधिक से अधिक योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करें।जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों को सम्मानित भी किया। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि विश्व पशु चिकित्सा दिवस के उपलक्ष में जिले भर में विभिन्न स्थानों पर नि:शुल्क टीकाकरण शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में रेबीज टीकाकरण,पशुओं के संतुलित आहार परामर्श सहित अन्य स्वास्थ्य परीक्षण नि:शुल्क किए गए। उन्होंने कार्यशाला में यह भी बताया कि पशुओं की बीमारियाँ न केवल उनके लिए घातक होती हैं,बल्कि कई बार ये बीमारियाँ मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं। इसलिए समय पर रोकथाम व टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम में डॉ.दीक्षा ने पीपीटी प्रजेंटेशन के माध्यम से पशुओं के स्वास्थ्य के लिए चिकित्सकों, पशुपालकों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी पर ज़ोर दिया। वहीं डॉ.रिंकल ने इक्वाइन इन्फ्लूएंजा जैसी घातक बीमारी के लक्षण,बचाव व उपचार के उपाय बताए। साथ ही डॉ.तृप्ति ने रेबीज बीमारी की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए समय पर टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।इस मौके पर अपर निदेशक डॉ.भूपेंद्र सिंह जंगपांगी,अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल,संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र सेट,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,मुख्य कोषाधिकारी गिरीश चंद्र,जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी,बाल विकास अधिकारी देवेंद्र थपलियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।