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किशोर स्वास्थ्य व पोषण पर होगा समन्वित अभियान: रुद्रप्रयाग में 922 विद्यालयों में काउंसलिंग व जागरूकता कार्यक्रम शुरू होंगे

प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।किशोर स्वास्थ्य व पोषण पर स्वास्थ्य,शिक्षा व बाल विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही अलग-अलग योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए एकजुट प्रयास होगें। इसके तहत तीनों विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर स्कूल स्तर पर होने वाली गतिविधियों को संपादित करते हुए जनपद के 922 सरकारी व निजी विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता,मानसिक स्वास्थ्य,एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत काउंसलिंग व जागरूकता कार्यक्रम करेंगे।किशोर स्वास्थ्य व पोषण को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देशन में विकास भवन सभागार में शिक्षा,स्वास्थ्य एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत पोषण सुधार,योन एवं प्रजनन स्वास्थ्य,मानसिक स्वास्थ्य,चोट एवं हिंसा से बचाव,मादक पदार्थों के दुप्रभाव व गैर संचारी रोगों से बचाव को लेकर स्कूल भ्रमण कर काउंसलिंग की जाती है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा व बाल विकास विभाग द्वारा स्कूल स्तर पर होने वाली गतिविधियों को आपसी समन्वय से संचालित की जानी है। तय किया गया कि शिक्षा विभाग विद्यालय में होने वाली अपनी गतिविधियों के रोस्टर से अवगत कराएगा,जिससे कि अन्य विभाग भी अपनी गतिविधयों को उस विद्यालय में संपादित करेंगे।मुख्य शिक्षा अधिकारी पीएस बिष्ट ने दिव्यांग बच्चों का दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की व्यवस्था करने का स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध किया,जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित दिव्यांग को प्रत्येक माह की दो तारीख को जिला चिकित्सालय में होने वालेे दिव्यांग कैंप में भेजने की अपील की। साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा सेनेटरी नैपकीन की विद्यालय स्तर पर उपलब्धता करवाने की मांग पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सहमती व्यक्त की गई। बताया कि संबंधित विद्यालय क्षेत्र की आशाओं एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ती को इस संबंध में निर्देशित किया जाएगा।एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत अब निजी विद्यालयों में आयरन फोलिक एसिड टेबलेट खिलाई जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एनीमिया से बचावों की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 27 अक्टूबर से निजी विद्यालयों में इस कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी। जिसके बाद शिक्षा विभाग के सहयोग से निर्धारित खुराक प्रत्येक सोमवार को खिलाई जाएगी। उन्होंने नीजि विद्यालयों के संचालकों को इस बाबत अपने विद्यालय में अभिभावकों की बैठक बुलाकर योजना के बारे में जानकारी देने व दवा खिलवाने हेतु सहमती पत्र भरवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गंभीर एनिमिया के लक्षण पाए जाने पर संबंधित किशोर-किशोरी की संपूर्ण जांच सुनिश्चित की जाएगी। इस मौके पर 10 नवंबर तक चलने वाले मानसिक स्वास्थ्य अभियान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने शिक्षा विभाग से किशोरों को किशोर स्वास्थ्य की समस्याओं को लेकर संवेदीकृत करने की अपील की।इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.सीमा टेकचंदानी,राइंका रूद्रप्रयाग से आरबीएसके नोडल शिक्षक भगत सिंह,प्रधानाचार्य अनूप नेगी मेमोरियल पब्लिक स्कूल देवेंद्र सिंह नेगी,अतुल मॉडल पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ललित मोहन,प्रधानाचर्य विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बेलणी शशि मोहन उनियाल,जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम हिमांशु नौडियाल,आरकेएसक काउंसलर विपिन सेमवाल,मूल्याकंन एवं निगरानी अधिकारी नागेश्वर बगवाड़ी,बाल विकास विभाग से प्रियंका उच्छोली,सोनम भंडारी मौजूद रहे।

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