प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।भागीरथी कला संगम के सदस्यों की आज मां भगवती नंदा देवी मंदिर में दीपावली के 11 दिन बाद ईगास पर्व के संदर्भ में बैठक हुई। भागीरथी कला संगम विगत कई बरसों से भेला कार्यक्रम करती है। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने कहा है कि ईगास मेला का पर्व हमारे उत्तराखंड में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और यह उत्सव जब हमारे श्रीनगर में राजा महिपाल शाह राज करते थे तब उस समय तिब्बत की सेना ने आक्रमण किया और जब सेना पराजित होने लग गई तब राजा ने बीरभड माधो सिंह भंडारी को सेना के साथ भेजा गया और माधो सिंह भंडारी के नेतृत्व में सेना ने विजय हासिल कर दी।और जब सेना वापस आने लग गई तो वह जंगल के रास्ता भूल गई तब रात के समय चीड़ की लकड़ी छिल्लौ को जलाकर दीपावली के 11 दिन बाद माधो सिंह भंडारी और सेना घर पहुंचे।गांव को लोगों ने उत्साह के कारण चीड़ के छिल्ले जलाकर य ईगास का पर्व मनाया। समिति का उद्देश्य यही है कि हमारी जो पुरानी संस्कृति लुप्त हो रही है उसको जागरुक कर आम जनमानस को जागरूक किया जाए। इसी उद्देश्य से कल रामलीला मैदान में ईगास का पर्व मनाया जाएगा और सभी से अनुरोध है कि दिनांक 1 नवंबर 2025 को समय 7:00 बजे शाम को अपना अमूल्य समय देकर आयोजन को सफल बनाएं। इस अवसर पर रमेश रमेश चंद्र थपलियाल भगवती प्रसाद पुरी भगत सिंह बिष्ट दीनबंधु सिंह चौहान किशोरी लाल नौटियाल मुकेश नौटियाल पदवेदर रावत रवींद्र पुरी दीपक उनियाल विजय रावल आदि थे।
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रामलीला मैदान में आयोजित होगा ईगास भेला कार्यक्रम
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।भागीरथी कला संगम के सदस्यों की आज मां भगवती नंदा देवी मंदिर में दीपावली के 11 दिन बाद ईगास पर्व के संदर्भ में बैठक हुई। भागीरथी कला संगम विगत कई बरसों से भेला कार्यक्रम करती है। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद बर्थवाल ने कहा है कि ईगास मेला का पर्व हमारे उत्तराखंड में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और यह उत्सव जब हमारे श्रीनगर में राजा महिपाल शाह राज करते थे तब उस समय तिब्बत की सेना ने आक्रमण किया और जब सेना पराजित होने लग गई तब राजा ने बीरभड माधो सिंह भंडारी को सेना के साथ भेजा गया और माधो सिंह भंडारी के नेतृत्व में सेना ने विजय हासिल कर दी।और जब सेना वापस आने लग गई तो वह जंगल के रास्ता भूल गई तब रात के समय चीड़ की लकड़ी छिल्लौ को जलाकर दीपावली के 11 दिन बाद माधो सिंह भंडारी और सेना घर पहुंचे।गांव को लोगों ने उत्साह के कारण चीड़ के छिल्ले जलाकर य ईगास का पर्व मनाया। समिति का उद्देश्य यही है कि हमारी जो पुरानी संस्कृति लुप्त हो रही है उसको जागरुक कर आम जनमानस को जागरूक किया जाए। इसी उद्देश्य से कल रामलीला मैदान में ईगास का पर्व मनाया जाएगा और सभी से अनुरोध है कि दिनांक 1 नवंबर 2025 को समय 7:00 बजे शाम को अपना अमूल्य समय देकर आयोजन को सफल बनाएं। इस अवसर पर रमेश रमेश चंद्र थपलियाल भगवती प्रसाद पुरी भगत सिंह बिष्ट दीनबंधु सिंह चौहान किशोरी लाल नौटियाल मुकेश नौटियाल पदवेदर रावत रवींद्र पुरी दीपक उनियाल विजय रावल आदि थे।