एसपी चमोली ने श्री बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत बन रहे अत्याधुनिक पुलिस प्रशासनिक भवन के डिजाइन की समीक्षा की
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।श्री बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास हेतु मास्टर प्लान के अंतर्गत निर्माणाधीन पुलिस प्रशासनिक भवन (इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेन्टर) की प्रगति और डिजाइन की समीक्षा बैठक आज पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में आयोजित की गई।पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार द्वारा आयोजित इस समीक्षा बैठक में डिजाइन प्रस्तुत करने वाले आर्किटेक्ट आई.एन.आई.डिज़ाइन स्टूडियो तथा परियोजना से जुड़े पीआईयू (PIU),परियोजना प्रबन्धक,सीपीएस सिस्टम एवं राजस्व विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक की शुरुआत में,आर्किटेक्ट आई.एन.आई.डिजाइन स्टूडियो द्वारा निर्माणाधीन पुलिस प्रशासनिक भवन का विस्तृत और अत्याधुनिक डिजाइन प्रस्तुतीकरण किया गया पुलिस अधीक्षक ने प्रस्तुतीकरण के उपरान्त,विशिष्ट सुरक्षा आवश्यकताओं एवं प्रशासनिक दक्षता को सुनिश्चित करने हेतु निम्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए,जिनका अनुपालन डिजाइन में अनिवार्य रूप से किया जाना है-डिजाइन में प्रस्तावित कॉरीडोर जो पुलिस प्रशासनिक भवन को जोड़ता है,उसके डिज़ाइन में तत्काल संशोधन किया जाए। थाने की आंतरिक सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए यह बदलाव सर्वोच्च प्राथमिकता है।वर्तमान डिज़ाइन के अनुसार थाना परिसर के भवन में पार्किंग क्षमता अत्यंत कम है।पार्किंग क्षमता को पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए ताकि प्रशासनिक और आपातकालीन वाहनों की सुगमता सुनिश्चित हो।प्रशासनिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल की व्यक्तियों के बैठने की क्षमता को तत्काल बढ़ाया जाए,ताकि महत्वपूर्ण बैठकों और समन्वय कार्यों को कुशलतापूर्वक अंजाम दिया जा सके।एसपी ने अभिसूचना कार्यों की महत्ता को देखते हुए डिज़ाइन में अभिसूचना इकाई के लिए 2 समर्पित कक्ष बनाए जाने के सुझाव दिए।भवन की स्थिति झील के निकट होने के कारण भविष्य में पानी के रिसाव की गंभीर संभावना है। इस चुनौती से निपटने के लिए,उन्होंने सर्वोत्तम और स्थायी तकनीकी उपाय सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं और स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम को ध्यान में रखते हुए भवन में सीसीटीवी कंट्रोल रूम की स्थापना हेतु भी स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन सुझावों को समयबद्ध तरीके से अंतिम डिजाइन में शामिल करें,ताकि श्री बद्रीनाथ धाम में स्थापित होने वाला यह इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (ERC) न केवल प्रशासनिक रूप से दक्ष हो,बल्कि सुरक्षा के हर मानक पर खरा उतरे।इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट,पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा,मुख्य अग्निशमन अधिकारी गिरीश बिष्ट,सहायक अभियंता पी.आई.यू.मनीष चन्द्र कुमाई,आर्किटेक्ट आई.एन.आई.डिजाइन स्टूडियो हिमांशु शर्मा,परियोजना प्रबन्धक आशीष कुमार सती,वरिष्ठ अभियंता सी.पी.सिस्टम विवेक कुमार,प्रतिसार निरीक्षक आनन्द रावत,थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी,उ.नि.नवीन नेगी,उ.नि.हर्षवर्धन,दिनेश कुनियाल मौजूद रहे।
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एसपी चमोली ने श्री बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत बन रहे अत्याधुनिक पुलिस प्रशासनिक भवन के डिजाइन की समीक्षा की
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।श्री बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास हेतु मास्टर प्लान के अंतर्गत निर्माणाधीन पुलिस प्रशासनिक भवन (इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेन्टर) की प्रगति और डिजाइन की समीक्षा बैठक आज पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में आयोजित की गई।पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार द्वारा आयोजित इस समीक्षा बैठक में डिजाइन प्रस्तुत करने वाले आर्किटेक्ट आई.एन.आई.डिज़ाइन स्टूडियो तथा परियोजना से जुड़े पीआईयू (PIU),परियोजना प्रबन्धक,सीपीएस सिस्टम एवं राजस्व विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक की शुरुआत में,आर्किटेक्ट आई.एन.आई.डिजाइन स्टूडियो द्वारा निर्माणाधीन पुलिस प्रशासनिक भवन का विस्तृत और अत्याधुनिक डिजाइन प्रस्तुतीकरण किया गया पुलिस अधीक्षक ने प्रस्तुतीकरण के उपरान्त,विशिष्ट सुरक्षा आवश्यकताओं एवं प्रशासनिक दक्षता को सुनिश्चित करने हेतु निम्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए,जिनका अनुपालन डिजाइन में अनिवार्य रूप से किया जाना है-डिजाइन में प्रस्तावित कॉरीडोर जो पुलिस प्रशासनिक भवन को जोड़ता है,उसके डिज़ाइन में तत्काल संशोधन किया जाए। थाने की आंतरिक सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए यह बदलाव सर्वोच्च प्राथमिकता है।वर्तमान डिज़ाइन के अनुसार थाना परिसर के भवन में पार्किंग क्षमता अत्यंत कम है।पार्किंग क्षमता को पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए ताकि प्रशासनिक और आपातकालीन वाहनों की सुगमता सुनिश्चित हो।प्रशासनिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल की व्यक्तियों के बैठने की क्षमता को तत्काल बढ़ाया जाए,ताकि महत्वपूर्ण बैठकों और समन्वय कार्यों को कुशलतापूर्वक अंजाम दिया जा सके।एसपी ने अभिसूचना कार्यों की महत्ता को देखते हुए डिज़ाइन में अभिसूचना इकाई के लिए 2 समर्पित कक्ष बनाए जाने के सुझाव दिए।भवन की स्थिति झील के निकट होने के कारण भविष्य में पानी के रिसाव की गंभीर संभावना है। इस चुनौती से निपटने के लिए,उन्होंने सर्वोत्तम और स्थायी तकनीकी उपाय सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं और स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम को ध्यान में रखते हुए भवन में सीसीटीवी कंट्रोल रूम की स्थापना हेतु भी स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन सुझावों को समयबद्ध तरीके से अंतिम डिजाइन में शामिल करें,ताकि श्री बद्रीनाथ धाम में स्थापित होने वाला यह इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर (ERC) न केवल प्रशासनिक रूप से दक्ष हो,बल्कि सुरक्षा के हर मानक पर खरा उतरे।इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट,पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा,मुख्य अग्निशमन अधिकारी गिरीश बिष्ट,सहायक अभियंता पी.आई.यू.मनीष चन्द्र कुमाई,आर्किटेक्ट आई.एन.आई.डिजाइन स्टूडियो हिमांशु शर्मा,परियोजना प्रबन्धक आशीष कुमार सती,वरिष्ठ अभियंता सी.पी.सिस्टम विवेक कुमार,प्रतिसार निरीक्षक आनन्द रावत,थानाध्यक्ष बद्रीनाथ नवनीत भंडारी,उ.नि.नवीन नेगी,उ.नि.हर्षवर्धन,दिनेश कुनियाल मौजूद रहे।