नशामुक्त भारत अभियान: गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रों की सामूहिक शपथ से जागरूकता का सशक्त संदेश
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग में शुक्रवार को नशामुक्त भारत अभियान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गढ़वाल विवि के छात्र-छात्राओें ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया। इस दौरान छात्रों को नशा मुक्त अभियान कि शपथ लेते हुए नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्य करने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल सिंह बिष्ट,उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल,सचिव अनुरोध पुरोहित,जीआर विदिशा सिंह,सुधांशु झा ने कहा कि नशे के कारण भारत में हर वर्ष लाखों युवा अपने भविष्य,स्वास्थ्य और सपनों को खो देते हैं। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों से लेकर गाँवों और शहरों तक जागरूकता फैलाना आज की सबसे बड़ी सामाजिक आवश्यकता है। समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.जेपी भट्ट ने कहा कि ड्रग्स का अंतरराष्ट्रीय काला बाज़ार 500 बिलियन डॉलर से अधिक का है और इसका सबसे बड़ा निशाना 15 से 30 वर्ष के युवा हैं। उन्होंने आँकडों को साझा करते हुए कहा कि भारत में नशे से जुड़े अपराध,मानसिक अवसाद,घरेलू तनाव,आर्थिक क्षति और आत्महत्याओं में तेजी से वृद्धि हो रही है,जो समाज के लिए गहरी चेतावनी है। गढ़वाल विवि के पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो.महावीर सिंह नेगी ने कहा कि नशामुक्त भारत केवल एक सरकारी योजना नहीं,बल्कि एक राष्ट्रीय नैतिक आंदोलन है। यदि शिक्षक और विद्यार्थी कंधे से कंधा मिलाकर आगे आएँ,तो आने वाले दस वर्षों में देश दुनिया के सबसे सुरक्षित और सक्षम युवा-संस्कृति वाले राष्ट्रों में शामिल हो सकता है। इस अवसर पर डाॅ.राकेश नेगी,डाॅ.बीएस जायाड़ा,प्रो.उमा बहुगुणा,डाॅ.किरण बाला,डाॅ.हनुमंत,डाॅ.ऋतु मिश्रा और डाॅ.गांधी चौहान सहित आदि मौजूद थे।
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नशामुक्त भारत अभियान: गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रों की सामूहिक शपथ से जागरूकता का सशक्त संदेश
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग में शुक्रवार को नशामुक्त भारत अभियान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गढ़वाल विवि के छात्र-छात्राओें ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया। इस दौरान छात्रों को नशा मुक्त अभियान कि शपथ लेते हुए नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्य करने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल सिंह बिष्ट,उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल,सचिव अनुरोध पुरोहित,जीआर विदिशा सिंह,सुधांशु झा ने कहा कि नशे के कारण भारत में हर वर्ष लाखों युवा अपने भविष्य,स्वास्थ्य और सपनों को खो देते हैं। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों से लेकर गाँवों और शहरों तक जागरूकता फैलाना आज की सबसे बड़ी सामाजिक आवश्यकता है। समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.जेपी भट्ट ने कहा कि ड्रग्स का अंतरराष्ट्रीय काला बाज़ार 500 बिलियन डॉलर से अधिक का है और इसका सबसे बड़ा निशाना 15 से 30 वर्ष के युवा हैं। उन्होंने आँकडों को साझा करते हुए कहा कि भारत में नशे से जुड़े अपराध,मानसिक अवसाद,घरेलू तनाव,आर्थिक क्षति और आत्महत्याओं में तेजी से वृद्धि हो रही है,जो समाज के लिए गहरी चेतावनी है। गढ़वाल विवि के पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो.महावीर सिंह नेगी ने कहा कि नशामुक्त भारत केवल एक सरकारी योजना नहीं,बल्कि एक राष्ट्रीय नैतिक आंदोलन है। यदि शिक्षक और विद्यार्थी कंधे से कंधा मिलाकर आगे आएँ,तो आने वाले दस वर्षों में देश दुनिया के सबसे सुरक्षित और सक्षम युवा-संस्कृति वाले राष्ट्रों में शामिल हो सकता है। इस अवसर पर डाॅ.राकेश नेगी,डाॅ.बीएस जायाड़ा,प्रो.उमा बहुगुणा,डाॅ.किरण बाला,डाॅ.हनुमंत,डाॅ.ऋतु मिश्रा और डाॅ.गांधी चौहान सहित आदि मौजूद थे।