थराली में नवजात शिशु का सिर मिलने का मामला पुलिस जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महत्वपूर्ण तथ्य उजागर
प्रदीप कुमार
थराली-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।थराली थाना क्षेत्र में 29 नवंबर 2025 को ग्राम हाट कल्याणी के पास वाण–मुंदोली सड़क मार्ग के नीचे एक खेत में नवजात शिशु का सिर मिलने से क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही थाना थराली की टीम मौके पर पहुँची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली ने मामले का संज्ञान लेकर फोरेंसिक टीम,डॉग स्क्वाड और ड्रोन टीम की मदद से क्षेत्र में वैज्ञानिक ढंग से जांच करवाई।टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। इसके बाद 02 दिसंबर 2025 को उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में तीन डॉक्टरों के मंडल द्वारा नवजात के सिर का पोस्टमार्टम किया गया। प्रक्रिया की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई गई। पहचान न होने पर नियमानुसार 72 घंटे बाद नवजात को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ बाल-समाधि दी गई। पुलिस ने भविष्य की जांच के लिए डीएनए नमूने भी सुरक्षित रखे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।चिकित्सकों के अनुसार नवजात लगभग एक दिन का था और नाक व कान में वायु बुलबुले नहीं पाए गए, जिससे संकेत मिलता है कि शिशु मृत अवस्था में ही जन्मा था। गले की हड्डियों में किसी प्रकार की क्षति नहीं मिली और गर्दन पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान भी नहीं पाए गए। सिर पर स्वान प्रजाति के किसी जानवर द्वारा काटे जाने जैसे निशान मिले,जिससे संभावना व्यक्त की गई कि नवजात का शव कहीं दफन था और किसी जानवर ने मिट्टी हटाकर सिर को बाहर निकाला।इन तथ्यों के आधार पर अनिष्ट कार्य,अपराध या तांत्रिक गतिविधि की आशंका अब नगण्य मानी जा रही है। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की जांच प्रारंभ से ही प्राथमिकता पर की है। वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जांच आगे भी पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ जारी रहेगी।
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थराली में नवजात शिशु का सिर मिलने का मामला पुलिस जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से महत्वपूर्ण तथ्य उजागर
प्रदीप कुमार
थराली-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।थराली थाना क्षेत्र में 29 नवंबर 2025 को ग्राम हाट कल्याणी के पास वाण–मुंदोली सड़क मार्ग के नीचे एक खेत में नवजात शिशु का सिर मिलने से क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही थाना थराली की टीम मौके पर पहुँची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली ने मामले का संज्ञान लेकर फोरेंसिक टीम,डॉग स्क्वाड और ड्रोन टीम की मदद से क्षेत्र में वैज्ञानिक ढंग से जांच करवाई।टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। इसके बाद 02 दिसंबर 2025 को उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में तीन डॉक्टरों के मंडल द्वारा नवजात के सिर का पोस्टमार्टम किया गया। प्रक्रिया की फोटो और वीडियोग्राफी भी कराई गई। पहचान न होने पर नियमानुसार 72 घंटे बाद नवजात को हिंदू रीति-रिवाजों के साथ बाल-समाधि दी गई। पुलिस ने भविष्य की जांच के लिए डीएनए नमूने भी सुरक्षित रखे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।चिकित्सकों के अनुसार नवजात लगभग एक दिन का था और नाक व कान में वायु बुलबुले नहीं पाए गए, जिससे संकेत मिलता है कि शिशु मृत अवस्था में ही जन्मा था। गले की हड्डियों में किसी प्रकार की क्षति नहीं मिली और गर्दन पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान भी नहीं पाए गए। सिर पर स्वान प्रजाति के किसी जानवर द्वारा काटे जाने जैसे निशान मिले,जिससे संभावना व्यक्त की गई कि नवजात का शव कहीं दफन था और किसी जानवर ने मिट्टी हटाकर सिर को बाहर निकाला।इन तथ्यों के आधार पर अनिष्ट कार्य,अपराध या तांत्रिक गतिविधि की आशंका अब नगण्य मानी जा रही है। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की जांच प्रारंभ से ही प्राथमिकता पर की है। वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जांच आगे भी पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ जारी रहेगी।