प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली में साइबर अपराधों के प्रति आमजन को सतर्क करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 16 दिसंबर 2025 को साइबर सेल चमोली ने प्रौद्योगिकी संस्थान कोठियालसैंण,गोपेश्वर में उत्तरांचल उत्थान परिषद के तत्वावधान में आयोजित युवा पंचायत जनप्रतिनिधि सम्मेलन–2025 के अवसर पर विशेष साइबर जागरूकता सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल के विशेषज्ञ कर्मियों ने पंचायत प्रतिनिधियों,स्थानीय नागरिकों और युवाओं को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी डर, लालच या भ्रम पैदा कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सत्र में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी, ऑनलाइन ठगी,बैंकिंग और यूपीआई से संबंधित धोखाधड़ी,फर्जी कॉल या संदेशों के माध्यम से ओटीपी और केवाईसी अपडेट के बहाने की जाने वाली ठगी,फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट,सोशल मीडिया खातों की हैकिंग,फर्जी निवेश योजनाएं,लोन एप से जुड़ी ठगी तथा व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से हो रही धोखाधड़ी के मामलों को सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया। साइबर सेल टीम ने आमजन को सलाह दी कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें,अनजान कॉल पर बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें,ओटीपी या पिन किसी को न बताएं और किसी भी ऑनलाइन लेनदेन से पहले संबंधित वेबसाइट या एप की प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। यह भी स्पष्ट किया गया कि पुलिस या बैंक कभी भी फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगते।साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई,ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके। चमोली पुलिस ने आमजन से अपील की कि साइबर अपराधों के विरुद्ध सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। भविष्य में भी इस प्रकार के साइबर जागरूकता अभियान नियमित रूप से जारी रखे जाएंगे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली में साइबर अपराधों के प्रति आमजन को सतर्क करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 16 दिसंबर 2025 को साइबर सेल चमोली ने प्रौद्योगिकी संस्थान कोठियालसैंण,गोपेश्वर में उत्तरांचल उत्थान परिषद के तत्वावधान में आयोजित युवा पंचायत जनप्रतिनिधि सम्मेलन–2025 के अवसर पर विशेष साइबर जागरूकता सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान साइबर सेल के विशेषज्ञ कर्मियों ने पंचायत प्रतिनिधियों,स्थानीय नागरिकों और युवाओं को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी डर, लालच या भ्रम पैदा कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सत्र में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी, ऑनलाइन ठगी,बैंकिंग और यूपीआई से संबंधित धोखाधड़ी,फर्जी कॉल या संदेशों के माध्यम से ओटीपी और केवाईसी अपडेट के बहाने की जाने वाली ठगी,फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट,सोशल मीडिया खातों की हैकिंग,फर्जी निवेश योजनाएं,लोन एप से जुड़ी ठगी तथा व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से हो रही धोखाधड़ी के मामलों को सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया। साइबर सेल टीम ने आमजन को सलाह दी कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें,अनजान कॉल पर बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें,ओटीपी या पिन किसी को न बताएं और किसी भी ऑनलाइन लेनदेन से पहले संबंधित वेबसाइट या एप की प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। यह भी स्पष्ट किया गया कि पुलिस या बैंक कभी भी फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगते।साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई,ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके। चमोली पुलिस ने आमजन से अपील की कि साइबर अपराधों के विरुद्ध सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। भविष्य में भी इस प्रकार के साइबर जागरूकता अभियान नियमित रूप से जारी रखे जाएंगे।