प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। मलारी से लगभग सात किलोमीटर आगे स्थित ग्राम मेहर गांव में बीती रात आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही चौकी मलारी से पुलिस बल को मौके के लिए रवाना किया गया तथा फायर सर्विस ज्योतिर्मठ,आईटीबीपी और अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल अवगत कराया गया।सूचना प्राप्त होते ही फायर सर्विस ज्योतिर्मठ की प्रशिक्षित टीम आधुनिक अग्निशमन उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई।मौके पर पहुंचकर टीम ने स्थिति का त्वरित आकलन किया और चार होज पाइप फैलाकर योजनाबद्ध ढंग से आग बुझाने का कार्य शुरू किया। अग्निशमन कार्य के दौरान आर्मी और बीआरओ के टैंकरों से लगातार पानी की आपूर्ति की गई,जिससे फायर सर्विस को पर्याप्त जल उपलब्ध हो सका और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। संयुक्त प्रयासों के चलते आग को फैलने से रोका गया और स्थिति को सुरक्षित रूप से संभाल लिया गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में एक से दो मकान प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। बताया गया कि घटना के समय गांव में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था,जिससे किसी बड़े नुकसान की आशंका टल गई। घटनास्थल पर मलारी स्थित राजपूत रेजीमेंट,आईटीबीपी,बीआरओ,आर्मी और पुलिस बल की टीमें मौजूद रहीं। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर समय रहते काबू पाया जा सका। इस अभियान में फायर सर्विस ज्योतिर्मठ की टीम में एलएफएम प्रदीप त्रिवेदी,चालक प्रदीप,चालक राकेश गौड,फायरमैन पंकज थपलियाल,महिला फायरमैन मनीषा सजवाण,प्रियंका रावत,मीनाक्षी और सपना शामिल रहीं। इसके साथ ही कोतवाली ज्योतिर्मठ की पुलिस टीम ने भी मौके पर सक्रिय भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयासों से स्थिति को पूरी तरह सामान्य कर लिया गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। मलारी से लगभग सात किलोमीटर आगे स्थित ग्राम मेहर गांव में बीती रात आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही चौकी मलारी से पुलिस बल को मौके के लिए रवाना किया गया तथा फायर सर्विस ज्योतिर्मठ,आईटीबीपी और अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल अवगत कराया गया।सूचना प्राप्त होते ही फायर सर्विस ज्योतिर्मठ की प्रशिक्षित टीम आधुनिक अग्निशमन उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई।मौके पर पहुंचकर टीम ने स्थिति का त्वरित आकलन किया और चार होज पाइप फैलाकर योजनाबद्ध ढंग से आग बुझाने का कार्य शुरू किया। अग्निशमन कार्य के दौरान आर्मी और बीआरओ के टैंकरों से लगातार पानी की आपूर्ति की गई,जिससे फायर सर्विस को पर्याप्त जल उपलब्ध हो सका और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। संयुक्त प्रयासों के चलते आग को फैलने से रोका गया और स्थिति को सुरक्षित रूप से संभाल लिया गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में एक से दो मकान प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। बताया गया कि घटना के समय गांव में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था,जिससे किसी बड़े नुकसान की आशंका टल गई। घटनास्थल पर मलारी स्थित राजपूत रेजीमेंट,आईटीबीपी,बीआरओ,आर्मी और पुलिस बल की टीमें मौजूद रहीं। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के कारण आग पर समय रहते काबू पाया जा सका। इस अभियान में फायर सर्विस ज्योतिर्मठ की टीम में एलएफएम प्रदीप त्रिवेदी,चालक प्रदीप,चालक राकेश गौड,फायरमैन पंकज थपलियाल,महिला फायरमैन मनीषा सजवाण,प्रियंका रावत,मीनाक्षी और सपना शामिल रहीं। इसके साथ ही कोतवाली ज्योतिर्मठ की पुलिस टीम ने भी मौके पर सक्रिय भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयासों से स्थिति को पूरी तरह सामान्य कर लिया गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।