प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड उखीमठ अंतर्गत ग्राम सारी में समूह की महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने एवं उनकी आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन विशेषज्ञों द्वारा जीवन ज्योति स्वायत्त सहकारिता से जुड़ी कुल 26 महिला सदस्यों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों,उत्पादन की प्रक्रिया,उपयुक्त तापमान एवं नमी प्रबंधन,रोग एवं कीट नियंत्रण,बेहतर प्रबंधन पद्धतियां तथा उत्पाद के सुरक्षित भण्डारण एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण को व्यवहारिक रूप में भी प्रस्तुत किया गया,जिससे प्रतिभागी महिलाओं को मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया को समझने में आसानी हुई। महिलाओं ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा इसे स्वरोजगार की दिशा में अत्यंत उपयोगी बताया।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है,जिसे महिलाएं अपने घर पर ही प्रारंभ कर सकती हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी,बल्कि परिवार की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं ने भविष्य में मशरूम उत्पादन को नियमित रूप से अपनाने तथा समूह के माध्यम से इसे आय का स्थायी साधन बनाने का संकल्प लिया।संबंधित विभाग द्वारा महिलाओं को आगे भी तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है,जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखण्ड उखीमठ अंतर्गत ग्राम सारी में समूह की महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने एवं उनकी आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में मशरूम उत्पादन विशेषज्ञों द्वारा जीवन ज्योति स्वायत्त सहकारिता से जुड़ी कुल 26 महिला सदस्यों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों,उत्पादन की प्रक्रिया,उपयुक्त तापमान एवं नमी प्रबंधन,रोग एवं कीट नियंत्रण,बेहतर प्रबंधन पद्धतियां तथा उत्पाद के सुरक्षित भण्डारण एवं विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण को व्यवहारिक रूप में भी प्रस्तुत किया गया,जिससे प्रतिभागी महिलाओं को मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया को समझने में आसानी हुई। महिलाओं ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा इसे स्वरोजगार की दिशा में अत्यंत उपयोगी बताया।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है,जिसे महिलाएं अपने घर पर ही प्रारंभ कर सकती हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी,बल्कि परिवार की पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं ने भविष्य में मशरूम उत्पादन को नियमित रूप से अपनाने तथा समूह के माध्यम से इसे आय का स्थायी साधन बनाने का संकल्प लिया।संबंधित विभाग द्वारा महिलाओं को आगे भी तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है,जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।