प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली ज्योतिर्मठ क्षेत्र में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चमोली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में प्रभारी देवेन्द्र रावत के नेतृत्व में कस्बा ज्योतिर्मठ में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कूटी पर सवार तीन युवकों को रोका। जांच में पता चला कि सभी तीन नाबालिग थे। उनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही हेलमेट पहना हुआ था,जो यातायात नियमों की गंभीर अवहेलना है। पुलिस ने तुरंत स्कूटी को सीज कर दिया और वाहन चालक के अभिभावक पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199 के तहत ₹25,000 का कोर्ट चालान किया। अभिभावक को थाने बुलाकर नाबालिगों को सौंपा गया और उन्हें काउंसलिंग के दौरान भविष्य में वाहन न देने की सख्त हिदायत दी गई। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान भी है,जिसे लेकर आमजन को सावधान रहने की आवश्यकता है। एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। नाबालिगों को वाहन देना न केवल कानूनन अपराध है,बल्कि उनके जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। अभिभावक जिम्मेदारी निभाएं और बच्चों को सुरक्षित भविष्य प्रदान करें।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली ज्योतिर्मठ क्षेत्र में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चमोली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में प्रभारी देवेन्द्र रावत के नेतृत्व में कस्बा ज्योतिर्मठ में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक स्कूटी पर सवार तीन युवकों को रोका। जांच में पता चला कि सभी तीन नाबालिग थे। उनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही हेलमेट पहना हुआ था,जो यातायात नियमों की गंभीर अवहेलना है। पुलिस ने तुरंत स्कूटी को सीज कर दिया और वाहन चालक के अभिभावक पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199 के तहत ₹25,000 का कोर्ट चालान किया। अभिभावक को थाने बुलाकर नाबालिगों को सौंपा गया और उन्हें काउंसलिंग के दौरान भविष्य में वाहन न देने की सख्त हिदायत दी गई। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान भी है,जिसे लेकर आमजन को सावधान रहने की आवश्यकता है। एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। नाबालिगों को वाहन देना न केवल कानूनन अपराध है,बल्कि उनके जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। अभिभावक जिम्मेदारी निभाएं और बच्चों को सुरक्षित भविष्य प्रदान करें।