प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता दिवस समारोह 2026’ को समानता द्वारा समरसता थीम के साथ गरिमामय रूप से मनाया गया।इस अवसर पर संपूर्ण जनपद में पंचायत स्तर,ब्लॉक स्तर तथा जनपद स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई।इस अवसर पर समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा यूसीसी से संबंधित चित्रकला,निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं,जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में समान नागरिक संहिता के उद्देश्यों एवं लाभों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। इसमें धर्म,जाति,पंथ से ऊपर उठकर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार एवं समान कानून की अवधारणा को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया गया। स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा निबंध एवं वाद-विवाद के माध्यम से यूसीसी के उद्देश्यों का प्रचार-प्रसार किया गया।कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता:प्रथम- अंशिका,द्वितीय-अनमोल,तृतीय-दीपिका निबंध प्रतियोगिता:प्रथम-आरुषि, द्वितीय-खुशी कंडारी,तृतीय-निधि रतूड़ी वाद-विवाद प्रतियोगिता पक्ष:प्रथम-भूमिका,द्वितीय-गौरव
वाद-विवाद प्रतियोगिता विपक्ष:प्रथम-दिव्यांजलि,द्वितीय-सृष्टि इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया,जिनमें ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित रावत,अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत गुप्तकाशी भारत भूषण पंवार सहित सराहनीय कार्य करने वाले ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य है,जो सामाजिक समानता,न्याय और समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार एवं समान न्याय सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों,कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के सामूहिक प्रयासों से संपूर्ण प्रदेश में जनपद रुद्रप्रयाग को तृतीय स्थान तथा गढ़वाल मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने विवाह पंजीकरण के क्षेत्र में जनपद द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि एक वर्ष में जनपद में 19,943 विवाह पंजीकरण हेतु आवेदन प्राप्त हुए,जिनमें से 19,249 विवाह पंजीकरण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। उन्होंने शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य व्यक्त किया तथा सभी से सहयोग एवं यूसीसी के व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील की। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा,जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार,मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामप्रकाश,जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा,जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर.मलेठा सहित विभिन्न अधिकारी,शिक्षक,छात्र-छात्राएं एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता दिवस समारोह 2026’ को समानता द्वारा समरसता थीम के साथ गरिमामय रूप से मनाया गया।इस अवसर पर संपूर्ण जनपद में पंचायत स्तर,ब्लॉक स्तर तथा जनपद स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रुद्रप्रयाग राजेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई।इस अवसर पर समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा यूसीसी से संबंधित चित्रकला,निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं,जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में समान नागरिक संहिता के उद्देश्यों एवं लाभों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। इसमें धर्म,जाति,पंथ से ऊपर उठकर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार एवं समान कानून की अवधारणा को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया गया। स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा निबंध एवं वाद-विवाद के माध्यम से यूसीसी के उद्देश्यों का प्रचार-प्रसार किया गया।कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता:प्रथम- अंशिका,द्वितीय-अनमोल,तृतीय-दीपिका निबंध प्रतियोगिता:प्रथम-आरुषि, द्वितीय-खुशी कंडारी,तृतीय-निधि रतूड़ी वाद-विवाद प्रतियोगिता पक्ष:प्रथम-भूमिका,द्वितीय-गौरव
वाद-विवाद प्रतियोगिता विपक्ष:प्रथम-दिव्यांजलि,द्वितीय-सृष्टि इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया,जिनमें ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित रावत,अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत गुप्तकाशी भारत भूषण पंवार सहित सराहनीय कार्य करने वाले ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य है,जो सामाजिक समानता,न्याय और समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यूसीसी के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार एवं समान न्याय सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों,कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के सामूहिक प्रयासों से संपूर्ण प्रदेश में जनपद रुद्रप्रयाग को तृतीय स्थान तथा गढ़वाल मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने विवाह पंजीकरण के क्षेत्र में जनपद द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि एक वर्ष में जनपद में 19,943 विवाह पंजीकरण हेतु आवेदन प्राप्त हुए,जिनमें से 19,249 विवाह पंजीकरण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। उन्होंने शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य व्यक्त किया तथा सभी से सहयोग एवं यूसीसी के व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील की। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा,जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार,मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामप्रकाश,जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा,जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर.मलेठा सहित विभिन्न अधिकारी,शिक्षक,छात्र-छात्राएं एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।