प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी माह के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत शहर के सभी शराब विक्रय केंद्रों पर डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव / शराब पीकर वाहन न चलाएं विषयक जागरूकता बैनर लगाए गए। यह पहल परिवहन विभाग और आबकारी विभाग के आपसी समन्वय से की गई। अभियान के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है और यह मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत गंभीर व दंडनीय अपराध है। रोड सेफ्टी माह में विभाग का विशेष फोकस प्रवर्तन के साथ-साथ नागरिकों में व्यवहार परिवर्तन लाने पर है,ताकि दुर्घटनाओं में वास्तविक और स्थायी कमी लाई जा सके। एआरटीओ प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं है,बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। शराब सेवन के बाद वाहन चलाना न केवल स्वयं के जीवन के लिए खतरनाक है,बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा करता है। ऐसे अभियानों का उद्देश्य जिम्मेदार यातायात संस्कृति को बढ़ावा देना है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा अभियान में पूर्ण सहयोग दिया गया। शराब विक्रय स्थलों पर लगाए गए जागरूकता बैनरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि शराब सेवन के बाद वाहन चलाना अवैधानिक होने के साथ-साथ जीवन के लिए भी अत्यंत घातक है। इस संयुक्त पहल के माध्यम से आमजन से अपील की गई है कि वे रोड सेफ्टी माह के संदेश को अपनाएं,शराब सेवन के उपरांत स्वयं वाहन न चलाएं,सुरक्षित वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें। परिवहन विभाग भविष्य में भी प्रवर्तन और जन-जागरूकता के माध्यम से सुरक्षित यातायात के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी माह के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत शहर के सभी शराब विक्रय केंद्रों पर डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव / शराब पीकर वाहन न चलाएं विषयक जागरूकता बैनर लगाए गए। यह पहल परिवहन विभाग और आबकारी विभाग के आपसी समन्वय से की गई। अभियान के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है और यह मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत गंभीर व दंडनीय अपराध है। रोड सेफ्टी माह में विभाग का विशेष फोकस प्रवर्तन के साथ-साथ नागरिकों में व्यवहार परिवर्तन लाने पर है,ताकि दुर्घटनाओं में वास्तविक और स्थायी कमी लाई जा सके। एआरटीओ प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं है,बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी है। शराब सेवन के बाद वाहन चलाना न केवल स्वयं के जीवन के लिए खतरनाक है,बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा करता है। ऐसे अभियानों का उद्देश्य जिम्मेदार यातायात संस्कृति को बढ़ावा देना है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा अभियान में पूर्ण सहयोग दिया गया। शराब विक्रय स्थलों पर लगाए गए जागरूकता बैनरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि शराब सेवन के बाद वाहन चलाना अवैधानिक होने के साथ-साथ जीवन के लिए भी अत्यंत घातक है। इस संयुक्त पहल के माध्यम से आमजन से अपील की गई है कि वे रोड सेफ्टी माह के संदेश को अपनाएं,शराब सेवन के उपरांत स्वयं वाहन न चलाएं,सुरक्षित वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें। परिवहन विभाग भविष्य में भी प्रवर्तन और जन-जागरूकता के माध्यम से सुरक्षित यातायात के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।