प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। नाबार्ड उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय,देहरादून द्वारा चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में ग्राउंड लेवल क्रेडिट (GLC) में वृद्धि को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 30 जनवरी 2026 को गोपेश्वर में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय,देहरादून के महाप्रबंधक शशि कुमार ने की। कार्यक्रम का संचालन जिला विकास प्रबंधक (DDM) नाबार्ड,श्रेयान्श जोशी द्वारा किया गया। कार्यशाला में नाबार्ड की पुनर्वित्त योजनाओं,केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रायोजित योजनाओं और बैंकिंग क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सहायक महाप्रबंधक (DoR) डॉ.पुनीत कुमार ने GLC एन्हांसमेंट और e-KCC पोर्टल पर प्रस्तुति देते हुए कृषि,उद्यान,पशुपालन,मत्स्य,सौर ऊर्जा और ग्रामीण उद्यमिता क्षेत्रों में ऋण विस्तार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कृषि,उद्यान,पशुपालन,मत्स्य और सहकारिता विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैंकिंग संस्थानों ने विभागीय योजनाओं,उपलब्धियों और ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए तैयार कार्ययोजनाओं पर प्रस्तुति दी।DCCB,UGB,PACS,LDM कार्यालय के अधिकारी एवं अन्य प्रतिभागियों ने भी चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई।कार्यक्रम के दौरान Looms of Niti & Mana Cooperative परियोजना का शुभारंभ किया गया।लाभार्थियों की उपस्थिति में सहकारी संस्था के उद्देश्यों आगामी रणनीति और नाबार्ड की अपेक्षाओं पर चर्चा की गई।इस पहल से सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय बुनाई,वस्त्र निर्माण और विपणन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। समापन सत्र में महाप्रबंधक शशि कुमार ने विभागों और बैंकिंग संस्थानों से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए समन्वित और परिणामोन्मुख प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड राज्य के समग्र ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करता रहेगा।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। नाबार्ड उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय,देहरादून द्वारा चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में ग्राउंड लेवल क्रेडिट (GLC) में वृद्धि को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 30 जनवरी 2026 को गोपेश्वर में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय,देहरादून के महाप्रबंधक शशि कुमार ने की। कार्यक्रम का संचालन जिला विकास प्रबंधक (DDM) नाबार्ड,श्रेयान्श जोशी द्वारा किया गया। कार्यशाला में नाबार्ड की पुनर्वित्त योजनाओं,केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रायोजित योजनाओं और बैंकिंग क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सहायक महाप्रबंधक (DoR) डॉ.पुनीत कुमार ने GLC एन्हांसमेंट और e-KCC पोर्टल पर प्रस्तुति देते हुए कृषि,उद्यान,पशुपालन,मत्स्य,सौर ऊर्जा और ग्रामीण उद्यमिता क्षेत्रों में ऋण विस्तार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कृषि,उद्यान,पशुपालन,मत्स्य और सहकारिता विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैंकिंग संस्थानों ने विभागीय योजनाओं,उपलब्धियों और ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए तैयार कार्ययोजनाओं पर प्रस्तुति दी।DCCB,UGB,PACS,LDM कार्यालय के अधिकारी एवं अन्य प्रतिभागियों ने भी चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई।कार्यक्रम के दौरान Looms of Niti & Mana Cooperative परियोजना का शुभारंभ किया गया।लाभार्थियों की उपस्थिति में सहकारी संस्था के उद्देश्यों आगामी रणनीति और नाबार्ड की अपेक्षाओं पर चर्चा की गई।इस पहल से सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय बुनाई,वस्त्र निर्माण और विपणन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। समापन सत्र में महाप्रबंधक शशि कुमार ने विभागों और बैंकिंग संस्थानों से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए समन्वित और परिणामोन्मुख प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड राज्य के समग्र ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करता रहेगा।