श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी कुम्भ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा,सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करने के साथ ही कुम्भ क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि अखाड़ों और धर्मगुरुओं की सहमति तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप कुम्भ मेला 2027 को दिव्य और भव्य स्वरूप में आयोजित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रथम चरण में मेला क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुम्भ मेला की व्यवस्थाओं के लिए 1224 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। अब तक 219 करोड़ रुपये की लागत से 35 स्थायी कार्यों की स्वीकृति के शासनादेश जारी हो चुके हैं। इनमें से लगभग दो दर्जन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है,जबकि शेष कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे। प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में मेलाधिकारी ने पत्रकारों को तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी और सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि मीडिया और विभिन्न संगठनों से प्राप्त सुझावों से मेले के सफल आयोजन में सहयोग मिलेगा। मेला क्षेत्र में सड़कों,पुलों और घाटों के निर्माण से संबंधित कई योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। मेला कार्यालय में अधिकारियों और कार्मिकों की तैनाती की जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के विभिन्न प्रभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए सभी स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं,जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। गुणवत्ता नियंत्रण के लिए आईआईटी रुड़की सहित तीन संस्थाओं के माध्यम से थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था की गई है और उनकी रिपोर्ट प्रत्येक तीन माह में शासन को भेजी जाएगी। डिजिटल व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत एकीकृत नियंत्रण एवं कमांड केंद्र की स्थापना की जा रही है। कुम्भ क्षेत्र को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख स्नान पर्वों पर बुजुर्ग श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। हरिद्वार के प्रवेश मार्गों पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी और वहां से आंतरिक क्षेत्रों के लिए शटल सेवा संचालित की जाएगी। संकरे मार्गों और चौराहों के चौड़ीकरण एवं सुधार के कार्य जारी हैं। चंडी चौक से नजीबाबाद की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के संकरे हिस्से के चौड़ीकरण के लिए एनएचएआई से अनुरोध किया गया है। मेलाधिकारी ने कहा कि कुम्भ मेला में आने वाले श्रद्धालु बेहतर अनुभव लेकर लौटें,इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी,महामंत्री दीपक मिश्रा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी कुम्भ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा,सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करने के साथ ही कुम्भ क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना मेला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि अखाड़ों और धर्मगुरुओं की सहमति तथा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप कुम्भ मेला 2027 को दिव्य और भव्य स्वरूप में आयोजित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रथम चरण में मेला क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुम्भ मेला की व्यवस्थाओं के लिए 1224 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। अब तक 219 करोड़ रुपये की लागत से 35 स्थायी कार्यों की स्वीकृति के शासनादेश जारी हो चुके हैं। इनमें से लगभग दो दर्जन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है,जबकि शेष कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे। प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में मेलाधिकारी ने पत्रकारों को तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी और सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि मीडिया और विभिन्न संगठनों से प्राप्त सुझावों से मेले के सफल आयोजन में सहयोग मिलेगा। मेला क्षेत्र में सड़कों,पुलों और घाटों के निर्माण से संबंधित कई योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। मेला कार्यालय में अधिकारियों और कार्मिकों की तैनाती की जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के विभिन्न प्रभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए सभी स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं,जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। गुणवत्ता नियंत्रण के लिए आईआईटी रुड़की सहित तीन संस्थाओं के माध्यम से थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था की गई है और उनकी रिपोर्ट प्रत्येक तीन माह में शासन को भेजी जाएगी। डिजिटल व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत एकीकृत नियंत्रण एवं कमांड केंद्र की स्थापना की जा रही है। कुम्भ क्षेत्र को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख स्नान पर्वों पर बुजुर्ग श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। हरिद्वार के प्रवेश मार्गों पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी और वहां से आंतरिक क्षेत्रों के लिए शटल सेवा संचालित की जाएगी। संकरे मार्गों और चौराहों के चौड़ीकरण एवं सुधार के कार्य जारी हैं। चंडी चौक से नजीबाबाद की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के संकरे हिस्से के चौड़ीकरण के लिए एनएचएआई से अनुरोध किया गया है। मेलाधिकारी ने कहा कि कुम्भ मेला में आने वाले श्रद्धालु बेहतर अनुभव लेकर लौटें,इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी,महामंत्री दीपक मिश्रा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।