श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत जनपद में अनीमिया अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान 12 मार्च तक संचालित होगा जिसमें 6 से 59 माह के बच्चों गर्भवती और धात्री महिलाओं में अनीमिया के जोखिम को कम करने के लिए आयरन फोलिक एसिड के नियमित सेवन और अनुपालन में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश के निर्देशन में जिला चिकित्सालय स्थित टीकाकरण केंद्र में अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.सीमा टेकचंदानी ने बताया कि खून में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम होना अनीमिया कहलाता है जिसे सामान्य भाषा में खून की कमी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि 6 से 59 माह के बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है जिससे शरीर में आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है। आयरन की कमी से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है और थकान कमजोरी तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अभियान के दौरान आयरन फोलिक एसिड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा लाभार्थियों को नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही खून की कमी को दूर करने के लिए आहार विविधता और पोषण परामर्श को भी सुदृढ़ किया जाएगा। एएनएम स्वाती उनियाल ने बताया कि 6 से 59 माह के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड सिरप की 1 मिलीलीटर खुराक सप्ताह में दो बार दी जानी है। गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां वितरित कर उनकी निर्धारित खुराक के बारे में भी जानकारी दी गई। अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र सचिदानंद नगर में भी लाभार्थियों को आयरन अनुपूरण और पोषण संबंधी जानकारी दी गई तथा बच्चों को आयरन सिरप की खुराक पिलाई गई। जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अभियान के तहत लाभार्थियों को पोषण परामर्श और आयरन अनुपूरण की जानकारी दी जा रही है।
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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत जनपद में अनीमिया अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान 12 मार्च तक संचालित होगा जिसमें 6 से 59 माह के बच्चों गर्भवती और धात्री महिलाओं में अनीमिया के जोखिम को कम करने के लिए आयरन फोलिक एसिड के नियमित सेवन और अनुपालन में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश के निर्देशन में जिला चिकित्सालय स्थित टीकाकरण केंद्र में अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.सीमा टेकचंदानी ने बताया कि खून में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम होना अनीमिया कहलाता है जिसे सामान्य भाषा में खून की कमी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि 6 से 59 माह के बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है जिससे शरीर में आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है। आयरन की कमी से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है और थकान कमजोरी तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अभियान के दौरान आयरन फोलिक एसिड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा लाभार्थियों को नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही खून की कमी को दूर करने के लिए आहार विविधता और पोषण परामर्श को भी सुदृढ़ किया जाएगा। एएनएम स्वाती उनियाल ने बताया कि 6 से 59 माह के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड सिरप की 1 मिलीलीटर खुराक सप्ताह में दो बार दी जानी है। गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां वितरित कर उनकी निर्धारित खुराक के बारे में भी जानकारी दी गई। अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र सचिदानंद नगर में भी लाभार्थियों को आयरन अनुपूरण और पोषण संबंधी जानकारी दी गई तथा बच्चों को आयरन सिरप की खुराक पिलाई गई। जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अभियान के तहत लाभार्थियों को पोषण परामर्श और आयरन अनुपूरण की जानकारी दी जा रही है।