श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।श्रीकोट स्थित श्रीकोट विद्या मंदिर में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सामाजिक कार्यकर्ता महिलाएं युवा तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, संगठन और सकारात्मक सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करना बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं ने अतिथियों का स्वागत किया जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना। इसके पश्चात भारत माता की प्रतिमा तथा पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को नमन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय जी प्रांत प्रचार प्रमुख Rashtriya Swayamsevak Sangh ने हिंदू संस्कृति की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित एवं जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय विश्वविद्यालय की हिंदी विभागाध्यक्ष गुड्डी बिष्ट ने समाज निर्माण में महिला शक्ति की भूमिका पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कार शिक्षा और संगठन में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार सशक्त नारी ही सशक्त समाज का आधार है। धर्माचार्य मधुसूदन घिल्डियाल ने धर्म सेवा और सदाचार को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के संयोजक लखपत भंडारी ने सामाजिक एकता स्वदेशी भावना और आपसी सहयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित संस्कारित और आत्मनिर्भर बनाना ही उद्देश्य है तथा प्रेम सेवा और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने जिहादी मानसिकता से दूर रहने की बात कही तथा लोगों से अपने समाज के व्यापारियों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। साथ ही तथाकथित लव जिहाद जैसे मुद्दों पर सतर्क रहने और बच्चों पर विशेष ध्यान देने की अपील की। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 20 से अधिक लोगों को सम्मानित किया गया। इनमें पूर्व प्रधान श्रीकोट राजेश्वरी रावत पंचमुखी हनुमान मंदिर निर्माण से जुड़े राजेंद्र नेगी सुषमा नेगी अनिता देवी वंदना सेमवाल तथा कमलेश वशिष्ठ जो प्रतिदिन शिवालय में निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य करते हैं सहित अन्य नाम शामिल रहे। कार्यक्रम में नगर निगम की मेयर आरती भंडारी संघ से मोहित जिला प्रचारक नरेश पार्षद गुड्डी गैरोला पार्षद रमेश रमोला राजेंद्र नेगी विजय चमोली सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में अनुशासन सांस्कृतिक समर्पण और सामाजिक सहभागिता की झलक देखने को मिली। सम्मेलन के माध्यम से समाज में एकता सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।श्रीकोट स्थित श्रीकोट विद्या मंदिर में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सामाजिक कार्यकर्ता महिलाएं युवा तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, संगठन और सकारात्मक सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करना बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं ने अतिथियों का स्वागत किया जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना। इसके पश्चात भारत माता की प्रतिमा तथा पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को नमन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय जी प्रांत प्रचार प्रमुख Rashtriya Swayamsevak Sangh ने हिंदू संस्कृति की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित एवं जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय विश्वविद्यालय की हिंदी विभागाध्यक्ष गुड्डी बिष्ट ने समाज निर्माण में महिला शक्ति की भूमिका पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कार शिक्षा और संगठन में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार सशक्त नारी ही सशक्त समाज का आधार है। धर्माचार्य मधुसूदन घिल्डियाल ने धर्म सेवा और सदाचार को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के संयोजक लखपत भंडारी ने सामाजिक एकता स्वदेशी भावना और आपसी सहयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित संस्कारित और आत्मनिर्भर बनाना ही उद्देश्य है तथा प्रेम सेवा और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने जिहादी मानसिकता से दूर रहने की बात कही तथा लोगों से अपने समाज के व्यापारियों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। साथ ही तथाकथित लव जिहाद जैसे मुद्दों पर सतर्क रहने और बच्चों पर विशेष ध्यान देने की अपील की। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 20 से अधिक लोगों को सम्मानित किया गया। इनमें पूर्व प्रधान श्रीकोट राजेश्वरी रावत पंचमुखी हनुमान मंदिर निर्माण से जुड़े राजेंद्र नेगी सुषमा नेगी अनिता देवी वंदना सेमवाल तथा कमलेश वशिष्ठ जो प्रतिदिन शिवालय में निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य करते हैं सहित अन्य नाम शामिल रहे। कार्यक्रम में नगर निगम की मेयर आरती भंडारी संघ से मोहित जिला प्रचारक नरेश पार्षद गुड्डी गैरोला पार्षद रमेश रमोला राजेंद्र नेगी विजय चमोली सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में अनुशासन सांस्कृतिक समर्पण और सामाजिक सहभागिता की झलक देखने को मिली। सम्मेलन के माध्यम से समाज में एकता सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया गया।