श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत फरवरी के अंतिम सप्ताह से जनपद को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से 100 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य जनपद की सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करना है। अभियान के तहत उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिन्हें संक्रमण का खतरा अधिक है।स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न ब्लॉकों में सघन अभियान चलाते हुए गांव-गांव पहुंचेंगी। 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों तथा धूम्रपान करने वाले लोगों की विशेष जांच की जाएगी। इसके लिए नोट परीक्षण और एक्सरे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले संभावित मरीजों की पहचान के लिए आशा कार्यकत्रियां और एएनएम घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि जनपद की 1166 ग्राम पंचायतों में से अब तक 609 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं। इनमें 157 ग्राम पंचायतें तीन वर्ष से 229 ग्राम पंचायतें लगातार दो वर्ष से तथा 283 ग्राम पंचायतें पहली बार टीबी मुक्त हुई हैं। अभियान के दौरान टीबी के लक्षणों की पहचान समय पर जांच नियमित उपचार दवा का पूर्ण अनुपालन और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सतर्कता और निरंतर प्रयास से ही टीबी मुक्त लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत फरवरी के अंतिम सप्ताह से जनपद को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से 100 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य जनपद की सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करना है। अभियान के तहत उन लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिन्हें संक्रमण का खतरा अधिक है।स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न ब्लॉकों में सघन अभियान चलाते हुए गांव-गांव पहुंचेंगी। 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों तथा धूम्रपान करने वाले लोगों की विशेष जांच की जाएगी। इसके लिए नोट परीक्षण और एक्सरे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले संभावित मरीजों की पहचान के लिए आशा कार्यकत्रियां और एएनएम घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि जनपद की 1166 ग्राम पंचायतों में से अब तक 609 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं। इनमें 157 ग्राम पंचायतें तीन वर्ष से 229 ग्राम पंचायतें लगातार दो वर्ष से तथा 283 ग्राम पंचायतें पहली बार टीबी मुक्त हुई हैं। अभियान के दौरान टीबी के लक्षणों की पहचान समय पर जांच नियमित उपचार दवा का पूर्ण अनुपालन और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सतर्कता और निरंतर प्रयास से ही टीबी मुक्त लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।