प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश के विभिन्न जनपदों के न्यायालयों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद चमोली पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार स्वयं पुलिस बल के साथ न्यायालय परिसर पहुंचे और संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। एहतियात के तौर पर सबसे पहले पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराया गया। इसके बाद परिसर का गहन तकनीकी निरीक्षण और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि को समय रहते चिन्हित किया जा सके। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक ने कई कड़े निर्देश जारी किए। न्यायालय परिसर के प्रवेश और निकास द्वारों पर केवल वैध पहचान पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक आगंतुक की जांच के लिए स्थानीय खुफिया इकाई और पुलिस बल की तैनाती की गई है।न्यायालय कर्मचारियों की भी प्रवेश द्वार पर ड्यूटी लगाई जाएगी तथा जिनके पास पहचान पत्र नहीं होगा उनकी पुष्टि के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। कुख्यात अपराधियों की पेशी के दिनों में पूर्व सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड द्वारा नियमित रूप से परिसर की जांच की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल को पुलिस लाइन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समीप मुस्तैद रखा गया है। इसके साथ ही न्यायालय परिसर में नियमित गश्त सुनिश्चित की गई है। निगरानी कैमरों की आवश्यकता और उन्हें सुदृढ़ करने के संबंध में भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि न्यायालयों और न्यायाधीशों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा ऑडिट किया गया है और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। चमोली पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट गोपेश्वर लवल कुमार वर्मा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार तथा न्यायालय कर्मचारियों के साथ सुरक्षा पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत सिंह रावत सचिव संदीप रावत और अन्य अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश के विभिन्न जनपदों के न्यायालयों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद चमोली पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार स्वयं पुलिस बल के साथ न्यायालय परिसर पहुंचे और संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। एहतियात के तौर पर सबसे पहले पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराया गया। इसके बाद परिसर का गहन तकनीकी निरीक्षण और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या गतिविधि को समय रहते चिन्हित किया जा सके। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक ने कई कड़े निर्देश जारी किए। न्यायालय परिसर के प्रवेश और निकास द्वारों पर केवल वैध पहचान पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक आगंतुक की जांच के लिए स्थानीय खुफिया इकाई और पुलिस बल की तैनाती की गई है।न्यायालय कर्मचारियों की भी प्रवेश द्वार पर ड्यूटी लगाई जाएगी तथा जिनके पास पहचान पत्र नहीं होगा उनकी पुष्टि के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। कुख्यात अपराधियों की पेशी के दिनों में पूर्व सूचना के आधार पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड द्वारा नियमित रूप से परिसर की जांच की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल को पुलिस लाइन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समीप मुस्तैद रखा गया है। इसके साथ ही न्यायालय परिसर में नियमित गश्त सुनिश्चित की गई है। निगरानी कैमरों की आवश्यकता और उन्हें सुदृढ़ करने के संबंध में भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि न्यायालयों और न्यायाधीशों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा ऑडिट किया गया है और अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। चमोली पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट गोपेश्वर लवल कुमार वर्मा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार तथा न्यायालय कर्मचारियों के साथ सुरक्षा पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत सिंह रावत सचिव संदीप रावत और अन्य अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।