प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 21 फरवरी तक आयोजित एआई सम्मेलन एक महत्वपूर्ण वैश्विक तकनीकी आयोजन था। इसमें देश-विदेश के टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नीति निर्माता शोधकर्ता और उद्योग जगत के नेता भाग ले रहे थे। यह भारत सरकार द्वारा आयोजित विश्व के चुनिंदा तकनीकी आयोजनों में से एक है और इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग वैश्विक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है।सम्मेलन का लक्ष्य भारत को इस क्षेत्र के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से प्रस्तुत करना था जहाँ सरकार उद्योग और वैश्विक साझेदार भविष्य की नीतियों और निवेश अवसरों पर चर्चा कर रहे थे। समारोह के अंतिम चरण में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया।इसमें कई लोगों ने शर्ट उतारकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आपत्ति जताई।उन्होंने यह प्रदर्शन राजनीतिक संदेश देने के लिए किया और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते बेरोजगारी महंगाई आदि मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने इन्हें त्वरित रूप से सम्मेलन स्थल से हटाया और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस कृत्य की कड़ी निंदा की। भाजपा महानगर इकाई ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध और देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुँचाने वाला बताया।महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने घंटाघर से पलटन बाजार होते हुए दर्शनी गेट तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और आम जनता को कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति से अवगत कराया।भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश की प्रगति और तकनीकी विकास से जुड़े मंच पर इस प्रकार का व्यवधान अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ध्यान भटकाने और राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की गतिविधियों का सहारा ले रही है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सशक्त पहचान बना रहा है और ऐसे में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मार्च के दौरान व्यापारियों और बाजार में मौजूद लोगों में भी कांग्रेस के प्रति आक्रोश देखा गया। भाजपा ने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र और राष्ट्रहित के खिलाफ था लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण और संगठित ढंग से विरोध जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इस अवसर पर श्याम अग्रवाल सुनील उनियाल गामा राजेंद्र सिंह ढिल्लों सुनील शर्मा विजेंद्र थपलियाल संदीप मुखर्जी राजेश काम्बोज ओम कक्कड़ हरीश डोरा बबलू बंसल मोहित शर्मा पूनम मंगाई अक्षत जैन आशीष शर्मा अनिल गुप्ता कुलदीप पेंट नीरज रथी महिपाल सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस विरोध मार्च ने स्पष्ट कर दिया कि देश के महत्वपूर्ण मंचों पर व्यवधान डालने का प्रयास किसी भी राजनीतिक पार्टी द्वारा स्वीकार्य नहीं होगा और जनता एवं भाजपा कार्यकर्ता इसे गंभीरता से देख रहे हैं।
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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 21 फरवरी तक आयोजित एआई सम्मेलन एक महत्वपूर्ण वैश्विक तकनीकी आयोजन था। इसमें देश-विदेश के टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नीति निर्माता शोधकर्ता और उद्योग जगत के नेता भाग ले रहे थे। यह भारत सरकार द्वारा आयोजित विश्व के चुनिंदा तकनीकी आयोजनों में से एक है और इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग वैश्विक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है।सम्मेलन का लक्ष्य भारत को इस क्षेत्र के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से प्रस्तुत करना था जहाँ सरकार उद्योग और वैश्विक साझेदार भविष्य की नीतियों और निवेश अवसरों पर चर्चा कर रहे थे। समारोह के अंतिम चरण में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया।इसमें कई लोगों ने शर्ट उतारकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी आपत्ति जताई।उन्होंने यह प्रदर्शन राजनीतिक संदेश देने के लिए किया और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते बेरोजगारी महंगाई आदि मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने इन्हें त्वरित रूप से सम्मेलन स्थल से हटाया और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस कृत्य की कड़ी निंदा की। भाजपा महानगर इकाई ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध और देश की वैश्विक छवि को नुकसान पहुँचाने वाला बताया।महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने घंटाघर से पलटन बाजार होते हुए दर्शनी गेट तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और आम जनता को कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति से अवगत कराया।भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश की प्रगति और तकनीकी विकास से जुड़े मंच पर इस प्रकार का व्यवधान अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ध्यान भटकाने और राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की गतिविधियों का सहारा ले रही है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर सशक्त पहचान बना रहा है और ऐसे में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मार्च के दौरान व्यापारियों और बाजार में मौजूद लोगों में भी कांग्रेस के प्रति आक्रोश देखा गया। भाजपा ने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र और राष्ट्रहित के खिलाफ था लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण और संगठित ढंग से विरोध जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इस अवसर पर श्याम अग्रवाल सुनील उनियाल गामा राजेंद्र सिंह ढिल्लों सुनील शर्मा विजेंद्र थपलियाल संदीप मुखर्जी राजेश काम्बोज ओम कक्कड़ हरीश डोरा बबलू बंसल मोहित शर्मा पूनम मंगाई अक्षत जैन आशीष शर्मा अनिल गुप्ता कुलदीप पेंट नीरज रथी महिपाल सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस विरोध मार्च ने स्पष्ट कर दिया कि देश के महत्वपूर्ण मंचों पर व्यवधान डालने का प्रयास किसी भी राजनीतिक पार्टी द्वारा स्वीकार्य नहीं होगा और जनता एवं भाजपा कार्यकर्ता इसे गंभीरता से देख रहे हैं।