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प्रदीप कुमार
जखोली/श्रीनगर गढ़वाल।सरस्वती शिशु मंदिर मयाली के प्रांगण में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन’ ने क्षेत्र में नई सांस्कृतिक अलख जगा दी है।मयाली टैक्सी स्टैंड से बाज़ार होते हुए कलश यात्रा और देवी-देवताओं के जयकारों के साथ सरस्वती शिशु मंदिर मयाली में शुरू हुए विराट हिन्दू जनजागृति अभियान में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे स्थानीय महिलाओं ने सनातन धर्म और अपनी परंपराओं के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। सम्मेलन में मुख्य रूप से अपने सनातन धर्म की रक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया गया। नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद मुकेश विनायक ने हिन्दू धर्म की रक्षा के साथ गौ रक्षा का आह्वान किया। उन्होंने आरएसएस के एक सौ वर्ष पूरे होने पर कहा है कि स्वदेशी अपनाने कुटुंब प्रबोधन सामाजिक समरसता पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों पर जोर देते हुए कहा कि यदि मातृशक्ति जागृत हो जाए तो संस्कृति को कोई आंच नहीं आ सकती। उन्होंने महिलाओं से अपनी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुचाने की अपील की। कोटेश्वर मंदिर के महंत शिवानंद गिरी महाराज ने हिंदू समाज को जागृत होने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध में हम अपने गौरवशाली 16 संस्कारों को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू सम्मेलनों का उद्देश्य केवल एकजुटता नहीं बल्कि उन महापुरुषों से प्रेरणा लेना है जिन्होंने धर्म के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वक्ताओं ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा और संघर्ष साझा किए। उन्होंने महाराणा प्रताप गुरु गोविंद सिंह और वीर शिवाजी के उदाहरण देते हुए जनसमूह में जोश भर दिया।कार्यक्रम संयोजक मधू बुटोला ने सभी आगंतुकों और मातृ शक्ति का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर लोक। गायिका आरती रावत ने राम भजन गाये। इस दौरान विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी जिला सरसंघचालक तेजपाल खत्री जिला प्रचारक पंकज जी जिला कार्यक्रम संयोजक देवेन्द्र पडियार भूपेन्द्र सिंह भंडारी मेहरबान सिंह रावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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