राज्य वित्त आयोग ने पौड़ी में ग्राम निकायों के साथ की बैठक वित्तीय सशक्तिकरण पर दिया जोर
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा विकास भवन सभागार में जिला पंचायत,क्षेत्र पंचायत,ग्राम पंचायत व संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पंचायत स्तर पर वित्तीय प्रबंधन,संसाधनों का न्यायसंगत वितरण और स्थानीय निकायों की वित्तीय आवश्यकताओं की समीक्षा की गयी। छठवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन.रवि शंकर ने बैठक में जनप्रतिनिधियों को कहा कि ग्राम पंचायतों से लेकर जिला पंचायतों तक की इकाइयों को पर्याप्त वित्तीय सशक्तिकरण दिलाना हमारी प्राथमिकता है,ताकि वे स्थानीय विकास कार्यों को पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से प्राप्त सुझाव और अनुभव को और भी व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि पौड़ी जिले में अपार संभावनाएं हैं,यहां की भौगोलिक परिस्थिति भी विषम है। क्षेत्रफल और आवश्यकता को देखते हुए पंचायतों का बजट बढ़ाया जाना ज़रूरी है। ब्लॉक प्रशासकों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में क्षेत्र पंचायत समिति को सबसे कम बजट आवंटित होता है,जिसे सही अनुपात में बढ़ाया जाना चाहिये,ताकि ब्लॉक अपने संस्थागत ढांचों का निर्माण कर सकें,जिससे आय सृजन हो सके।राज्य वित्त आयोग के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि पंचायतों की वित्तीय जरूरतों को गंभीरता से लिया जायेगा और व्यवहारिक सुझावों को आगामी वित्तीय योजनाओं में सम्मिलित किया जायेगा।इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान,मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,एसडीओ वन आयशा बिष्ट,डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार,अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी,ब्लॉक प्रशासक एकेश्वर नीरज पांथरी,जयहरीखाल दीपक भंडारी,बीरोंखाल राजेश कंडारी,कोट पूर्णिमा नेगी,पौड़ी दीपक खुगशाल सहित अन्य अधिकारी व नगर निकाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Spread the love
राज्य वित्त आयोग ने पौड़ी में ग्राम निकायों के साथ की बैठक वित्तीय सशक्तिकरण पर दिया जोर
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा विकास भवन सभागार में जिला पंचायत,क्षेत्र पंचायत,ग्राम पंचायत व संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पंचायत स्तर पर वित्तीय प्रबंधन,संसाधनों का न्यायसंगत वितरण और स्थानीय निकायों की वित्तीय आवश्यकताओं की समीक्षा की गयी। छठवें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन.रवि शंकर ने बैठक में जनप्रतिनिधियों को कहा कि ग्राम पंचायतों से लेकर जिला पंचायतों तक की इकाइयों को पर्याप्त वित्तीय सशक्तिकरण दिलाना हमारी प्राथमिकता है,ताकि वे स्थानीय विकास कार्यों को पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से प्राप्त सुझाव और अनुभव को और भी व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि पौड़ी जिले में अपार संभावनाएं हैं,यहां की भौगोलिक परिस्थिति भी विषम है। क्षेत्रफल और आवश्यकता को देखते हुए पंचायतों का बजट बढ़ाया जाना ज़रूरी है। ब्लॉक प्रशासकों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में क्षेत्र पंचायत समिति को सबसे कम बजट आवंटित होता है,जिसे सही अनुपात में बढ़ाया जाना चाहिये,ताकि ब्लॉक अपने संस्थागत ढांचों का निर्माण कर सकें,जिससे आय सृजन हो सके।राज्य वित्त आयोग के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि पंचायतों की वित्तीय जरूरतों को गंभीरता से लिया जायेगा और व्यवहारिक सुझावों को आगामी वित्तीय योजनाओं में सम्मिलित किया जायेगा।इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान,मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,एसडीओ वन आयशा बिष्ट,डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार,अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी,ब्लॉक प्रशासक एकेश्वर नीरज पांथरी,जयहरीखाल दीपक भंडारी,बीरोंखाल राजेश कंडारी,कोट पूर्णिमा नेगी,पौड़ी दीपक खुगशाल सहित अन्य अधिकारी व नगर निकाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।