Spread the love

प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कोटी कालोनी टिहरी पर्यटन साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल‌ का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इसका उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया

कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस अवसर पर उन्होंने सभी देश-प्रदेश से आए अतिथियों पर्यटकों तथा स्थानीय जनसमूह को मुख्य सेवक के रूप में नमस्कार करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण की जननी है जिसका लाभ पूरे देश और प्रदेश को मिलता है। उन्होंने घोषणा कि कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण कराया जाएगा।

कार्यक्रममें मुख्य अतिथि बतौर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए खिलाड़ियोें के साथ ही अन्य मेहमानों का स्वागत किया।उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है।हमारी नदियां हमारे पर्वत हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं।

आजउसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि टिहरी झील महोत्सव सभी को एक मंच पर लाने का कार्य कर रहा है तथा टिहरी झील के कारण पिछले दो माह में यह तीसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन यहां हो रहा है। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ-साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं

बल्किउत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने टिहरी को लेकर अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग कैनोइंग जेट-स्की पैरा-सेलिंग स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि टिहरी झील के आसपास विकसित हो रहा यह खेल और पर्यटन तंत्र स्थानीय लोगों के लिए

स्वरोजगारऔर आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि टिहरी झील केवल एक पर्यटन स्थल ही न रहे बल्कि खेल संस्कृति और प्रकृति के संगम का वैश्विक केंद्र भी बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर है और उन्होंने स्वयं यहां आकर हमें प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया।

इसक्रम में उन्होंने आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई-एल्टीट्यूड मैराथन माणा में एमटीबी चैैलेंज एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे बडे़ स्तर के आयोजनों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें बल्कि अपने समर्थ और परिश्रम से नए अवसरों का सृजन भी करें। उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है। पूर्ण विश्वास है कि ये युवा भविष्य में उत्तराखंड को वैश्विक पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर स्थापित करने में अवश्य सफल रहेंगे। अपने संबोधन में उन्होंने टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि टिहरी क्षेत्र के

केसमग्र विकास हेतु लगभग 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। इसमें टिहरी झील का विकास रिंग रोड का निर्माण तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसे प्रमुख कार्य शामिल हैं। इसके अलावा यहां भिलंगना विकासखंड की सुनारगांव ग्राम पंचायत को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट पहाड़ी शैली में एक नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है।उन्होंने अपने संबोधन में जिले के सभी ब्लाक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 10 कॉम्पेक्टर केंद्रों और 4267 कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थापना का भी जिक्र किया।

कोटी-डोबरापर्यटन मार्ग का शिलान्यास-कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का रिमोट दबाकर वर्चुअल शिलान्यास किया। यह मार्ग एशियन डेवलपमेंट बैंक के स्तर पर वित्त पोषित है जिसकी कुल लागत 318 करोड़ है। इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ते हुए विकास को नई दिशा दी जा रही है जो जनपद और राज्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। वही टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने कहा कि टिहरी के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा जिससे जनपद का नाम देश-दुनिया में और अधिक रोशन हो सके। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल क्षेत्रीय

सांसदमाला राज्य लक्ष्मी शाह विधायक किशोर उपाध्याय विक्रम सिंह नेगी विनोद कंडारी शक्तिलाल शाह पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत व चंबा की अध्यक्ष शोभनी धनोला भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री का यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। सीएम ने देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया। इस मौके पर अधिकारी खिलाड़ी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं पर्यटक उपस्थित थे। नौ मार्च तक होंगी विभिन्न गतिविधियां-टिहरी लेक फेस्टिवल में नौ मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साहसिक खेल व पर्यटन गतिविधियों के अलावा लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp