Spread the love

प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। साइबर धोखाधड़ी के शिकार नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान करने तथा उनकी धनराशि वापस दिलाने के उद्देश्य से साइबर शाखा को विशेष निर्देश दिए गए हैं जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में साइबर शाखा टिहरी ने भारत सरकार के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के अंतर्गत संचालित मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) पोर्टल के माध्यम से कार्रवाई करते हुए विभिन्न साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में संबंधित बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित किया। त्वरित एवं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप 21 साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कुल 6 लाख 150 रुपये की धनराशि सुरक्षित कराते हुए संबंधित पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई। पुलिस के अनुसार यह सफलता साइबर अपराध की सूचना मिलते ही की गई त्वरित कार्रवाई संबंधित बैंकों के साथ समयबद्ध समन्वय तथा पीड़ितों द्वारा समय पर शिकायत दर्ज कराने का परिणाम है। इस पहल से साइबर अपराध के शिकार नागरिकों को आर्थिक राहत मिली है तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हुई है। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने एसएसपी श्वेता चौबे और टिहरी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता की सराहना की। टिहरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने लोगों को ओटीपी यूपीआई पिन सीवीवी तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने संदिग्ध लिंक क्यूआर कोड अथवा एपीके फाइल डाउनलोड या स्कैन न करने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में गोल्डन ऑवर के भीतर की गई शिकायत से धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। टिहरी पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp