प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में विकासखंड कोट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकासखंड एवं सामुदायिक स्तर के संघों के लिए एक दिवसीय वित्तीय समावेशन अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अमित बिजल्वाण ने की। कार्यशाला में ग्रामीण वित्त समन्वयक धनंजय प्रसाद भट्ट ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित वित्तीय समावेशन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं घटकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सक्षम केंद्र लखपति दीदी योजना बैंकिंग सेवाएं स्वयं सहायता समूहों की बैंक से संबद्धता ऋण प्रबंधन तथा वित्तीय साक्षरता के संबंध में जानकारी साझा की। एलआईसी प्रतिनिधि ने बीमा सखी की भूमिका एवं विभिन्न बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही बैंकिंग संवाददाता सखी स्वयं सहायता समूह-बैंक संबद्धता गैर-निष्पादित परिसंपत्ति सामुदायिक बैंकिंग एवं ऋण प्रबंधन बैठक आईईएलए भुली योजना बीमा तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में विभिन्न गांवों से तीन सामुदायिक स्तर के संघों से जुड़े 30 स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के साथ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं रीप परियोजना के कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की बेहतर जानकारी उपलब्ध कराते हुए उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए जागरूक करना रहा। इस अवसर पर सामुदायिक स्तर के संघों के पदाधिकारी स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं सामुदायिक वित्तीय साक्षरता केंद्र से जुड़े प्रतिनिधि बैंक प्रतिनिधि एलआईसी प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्रामोत्थान परियोजना के कार्मिक उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में विकासखंड कोट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकासखंड एवं सामुदायिक स्तर के संघों के लिए एक दिवसीय वित्तीय समावेशन अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अमित बिजल्वाण ने की। कार्यशाला में ग्रामीण वित्त समन्वयक धनंजय प्रसाद भट्ट ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित वित्तीय समावेशन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं घटकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सक्षम केंद्र लखपति दीदी योजना बैंकिंग सेवाएं स्वयं सहायता समूहों की बैंक से संबद्धता ऋण प्रबंधन तथा वित्तीय साक्षरता के संबंध में जानकारी साझा की। एलआईसी प्रतिनिधि ने बीमा सखी की भूमिका एवं विभिन्न बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही बैंकिंग संवाददाता सखी स्वयं सहायता समूह-बैंक संबद्धता गैर-निष्पादित परिसंपत्ति सामुदायिक बैंकिंग एवं ऋण प्रबंधन बैठक आईईएलए भुली योजना बीमा तथा वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में विभिन्न गांवों से तीन सामुदायिक स्तर के संघों से जुड़े 30 स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के साथ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं रीप परियोजना के कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की बेहतर जानकारी उपलब्ध कराते हुए उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए जागरूक करना रहा। इस अवसर पर सामुदायिक स्तर के संघों के पदाधिकारी स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं सामुदायिक वित्तीय साक्षरता केंद्र से जुड़े प्रतिनिधि बैंक प्रतिनिधि एलआईसी प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्रामोत्थान परियोजना के कार्मिक उपस्थित रहे।