प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी लेक फेस्टिवल के माध्यम से पर्यटन के साथ पर्यटन के मेले में पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से गूंज रहा है। राष्ट्रीय खेलों की ही तरह इस आयोजन की थीम के साथ भी पर्यावरण को जोड़ा गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जबकि टिहरी लेक फेस्टिवल के साथ पर्यावरण का संदेश भी आगे बढ़ रहा है। इस फेस्टिवल का इस बार जो पूरा नाम उभरकर सामने आया है वो हिमालयन ओ टूू टिहरी लेक फेस्टिवल है। इस फेस्टिवल के नाम के साथ हिमालयन ओटू जोड़ दिए जाने के बाद पर्यावरण की चर्चा भी हो रही है। टिहरी डीएम नितिका खंडेलवाल के अनुसार-इस आयोजन की रूपरेेखा तैयार करते वक्त यह विचार सामने आया कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी फैले।इसी क्रम में इसके नाम के साथ हिमालय ओ टू को भी जोड़ दिया गया। दरअसल राज्य सरकार अपने हर बडेे़ आयोजन के साथ पर्यावरण के संदेश को अनिवार्य रूप से जोड़ कर आगे बढ़ रही है। वर्ष 2025 में हुए राष्ट्रीय खेलों की थीम पर्यावरण पर आधारित रही थी। देश भर में राज्य सरकार की इस पहल की काफी चर्चा हुई थी जिसमें हरित वन स्थापित करने से लेकर खिलाड़ियों को दिए जाने वाले मेडल औैर अन्य गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण का खास ख्याल रखा गया था। पर्यावरण को लेकर देश-दुनिया में जो चिंता है उसमें जरूरी है कि हम जागरुकता पर लगातार काम करे। उत्तराखंड से सभी की बहुत ज्यादा अपेक्षाएं हैं। राज्य सरकार भी इस संबंध में अपनी जिम्मेदारी को महसूस करती है।इसलिए बड़े आयोजनों के साथ पर्यावरण की थीम को जोड़ा जा रहा है -पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री।
