प्रदीप कुमार
जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत उच्छना में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शादी ब्याह व अन्य मांगलिक कार्यों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। ग्राम प्रधान नीलम रावत की अध्यक्षता में आयोजित महिला मंगल दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सार्वजनिक कार्यों में शराब के पूर्ण रूप से उपयोग और परोसने पर रोक लगा दी गई।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब परोसी जाती है तो संबंधित व्यक्ति या आयोजक पर 51,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस सख्त निर्णय का उद्देश्य गांव में सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाना और नशे के दुष्प्रभावों से युवाओं व परिवारों को बचाना है। ग्रामवासियों विशेषकर महिलाओं ने इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया और इसे समाज हित में एक सराहनीय कदम बताया। महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुनीता देवी उपाध्यक्ष ऊषा देवी तथा कोषाध्यक्ष उर्मिला देवी प्रधान प्रतिनिधि विकास रावत सहित अन्य ग्रामीणों ने भी बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई और इस प्रस्ताव का समर्थन किया।ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से गांव में अनुशासन बढ़ेगा पारिवारिक माहौल सुधरेगा और सामाजिक एकता को मजबूती मिलेगी।
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प्रदीप कुमार
जखोली/श्रीनगर गढ़वाल। विकासखण्ड जखोली की ग्राम पंचायत उच्छना में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शादी ब्याह व अन्य मांगलिक कार्यों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। ग्राम प्रधान नीलम रावत की अध्यक्षता में आयोजित महिला मंगल दल की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सार्वजनिक कार्यों में शराब के पूर्ण रूप से उपयोग और परोसने पर रोक लगा दी गई।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब परोसी जाती है तो संबंधित व्यक्ति या आयोजक पर 51,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस सख्त निर्णय का उद्देश्य गांव में सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाना और नशे के दुष्प्रभावों से युवाओं व परिवारों को बचाना है। ग्रामवासियों विशेषकर महिलाओं ने इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया और इसे समाज हित में एक सराहनीय कदम बताया। महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुनीता देवी उपाध्यक्ष ऊषा देवी तथा कोषाध्यक्ष उर्मिला देवी प्रधान प्रतिनिधि विकास रावत सहित अन्य ग्रामीणों ने भी बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई और इस प्रस्ताव का समर्थन किया।ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से गांव में अनुशासन बढ़ेगा पारिवारिक माहौल सुधरेगा और सामाजिक एकता को मजबूती मिलेगी।