एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र द्वारा चौरास परिसर में राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.भीमराव अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र,द्वारा आज भारत का उभरता राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन चौरास परिसर में किया गया।इस कार्यक्रम में अनेक प्रतिभागियों ने अपने विचार रखे और सुझावों को साझा किया। वक्ताओं ने वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य की चर्चा करते हुए भारत के सामने उभरते खतरों जैसे साइबर हमलों,भूराजनीतिक तनावों,सीमा संघर्षों तथा आतंकवाद के मूल कारणों पर प्रकाश डाला। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का संदर्भ देते हुए आतंकवाद की विचारधारा और उसमें पाकिस्तान की भूमिका पर गहन चर्चा की गई। साथ ही,भारत की सक्रिय रक्षा रणनीति,खुफिया तंत्र,सैन्य उपकरणों,नई पीढ़ी के युद्धक हथियारों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों जैसे नक्सलवाद,सांप्रदायिकता और जातिवाद को भी केंद्र में रखा गया।विशेष रूप से वक्ताओं ने जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना और सरकार की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आमजन की सहभागिता और सतर्कता देश को संभावित खतरों से बचा सकती है।विज्ञान,तकनीक,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ऊर्जा संसाधनों में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।कार्यक्रम के अंत में डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक प्रो.एम.एम.सेमवाल ने युवाओं की भूमिका,राष्ट्रहित और सुरक्षा को जोड़ते हुए ऐतिहासिक दृष्टांतों के माध्यम से विषय को समेटा। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत,अनुसंधान एवं विकास,बजट नियोजन और मजबूत आंतरिक नीतियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के आवश्यक उपायों के रूप में बताया। कार्यक्रम का संचालन पूजा शाह ने किया। इस अवसर पर सुमन कुमार,अभिषेक सैनी,हिमांशु कुमार,राहुल कुमार साहू,आशीष विश्वकर्मा एवं शैलजा,डाॅ.आशीष बहुगुणा एवं डॉ.प्रकाश कुमार सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन पूजा शाह के संदेश और आकश कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र द्वारा चौरास परिसर में राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.भीमराव अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र,द्वारा आज भारत का उभरता राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन चौरास परिसर में किया गया।इस कार्यक्रम में अनेक प्रतिभागियों ने अपने विचार रखे और सुझावों को साझा किया। वक्ताओं ने वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य की चर्चा करते हुए भारत के सामने उभरते खतरों जैसे साइबर हमलों,भूराजनीतिक तनावों,सीमा संघर्षों तथा आतंकवाद के मूल कारणों पर प्रकाश डाला। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का संदर्भ देते हुए आतंकवाद की विचारधारा और उसमें पाकिस्तान की भूमिका पर गहन चर्चा की गई। साथ ही,भारत की सक्रिय रक्षा रणनीति,खुफिया तंत्र,सैन्य उपकरणों,नई पीढ़ी के युद्धक हथियारों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों जैसे नक्सलवाद,सांप्रदायिकता और जातिवाद को भी केंद्र में रखा गया।विशेष रूप से वक्ताओं ने जोर दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना और सरकार की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आमजन की सहभागिता और सतर्कता देश को संभावित खतरों से बचा सकती है।विज्ञान,तकनीक,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ऊर्जा संसाधनों में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।कार्यक्रम के अंत में डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक प्रो.एम.एम.सेमवाल ने युवाओं की भूमिका,राष्ट्रहित और सुरक्षा को जोड़ते हुए ऐतिहासिक दृष्टांतों के माध्यम से विषय को समेटा। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत,अनुसंधान एवं विकास,बजट नियोजन और मजबूत आंतरिक नीतियों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के आवश्यक उपायों के रूप में बताया। कार्यक्रम का संचालन पूजा शाह ने किया। इस अवसर पर सुमन कुमार,अभिषेक सैनी,हिमांशु कुमार,राहुल कुमार साहू,आशीष विश्वकर्मा एवं शैलजा,डाॅ.आशीष बहुगुणा एवं डॉ.प्रकाश कुमार सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन पूजा शाह के संदेश और आकश कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।