प्रदीप कुमार
टिहरी श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के सभी यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।चिकित्साधिकारी डॉ.श्याम विजय ने बताया कि ऋषिकेश से गंगोत्री यमुनोत्री केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इसे देखते हुए सभी यात्रा मार्गों पर चिकित्सा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है और विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में यात्रा मार्गों पर चिकित्सा इकाइयों की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में 22 चिकित्सा इकाइयों को विभिन्न स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा पूर्व से तैनात चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों को निर्देशित किया गया है कि यात्रा मार्गों पर स्थापित चिकित्सा इकाइयों में पर्याप्त संख्या में स्टाफ दवाइयां और आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी यात्री को उपचार संबंधी कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी यात्री को गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है तो संबंधित अधिकारी तत्काल उच्च अधिकारियों से संपर्क कर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि समय रहते बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहेंगी।
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प्रदीप कुमार
टिहरी श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के निर्देशों के अनुपालन में जनपद के सभी यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।चिकित्साधिकारी डॉ.श्याम विजय ने बताया कि ऋषिकेश से गंगोत्री यमुनोत्री केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इसे देखते हुए सभी यात्रा मार्गों पर चिकित्सा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है और विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद में यात्रा मार्गों पर चिकित्सा इकाइयों की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में 22 चिकित्सा इकाइयों को विभिन्न स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा पूर्व से तैनात चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके।स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों को निर्देशित किया गया है कि यात्रा मार्गों पर स्थापित चिकित्सा इकाइयों में पर्याप्त संख्या में स्टाफ दवाइयां और आवश्यक उपकरण उपलब्ध रहें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी यात्री को उपचार संबंधी कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी यात्री को गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है तो संबंधित अधिकारी तत्काल उच्च अधिकारियों से संपर्क कर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि समय रहते बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहेंगी।