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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में ऋषिकुल मैदान में आयोजित मानव सेवा एवं उत्थान समिति के सद्भावना सम्मेलन बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रतिभाग करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव से वसुधैव कुटुम्बकम्‌ के सिद्धांत पर आधारित रही है जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सम्मेलन में उपस्थित देशभर से आए संतों अतिथियों माताओं बहनों युवाओं एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए वैशाखी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना से परिपूर्ण इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में मानव सेवा एवं उत्थान समिति द्वारा समाज में समरसता सेवा और नैतिक जागरण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और तनावों से गुजर रहा है ऐसे में प्रेम सद्भाव और मानवता का संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सदैव वैश्विक स्तर पर मानवता की सेवा को प्राथमिकता दी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश द्वारा एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य की भावना को आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कोरोना काल में अनेक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराना योग और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना तथा विभिन्न आपदाओं के समय सहायता प्रदान करना भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार होते हैं। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने को सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर एवं शारदा कॉरिडोर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता सद्भाव और सेवा की भावना को और अधिक सशक्त करेगा तथा इसके सकारात्मक परिणाम दूरगामी होंगे। उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए सतपाल महाराज एवं मानव सेवा एवं उत्थान समिति को शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में उपस्थित अनुयायियों को सम्बोधित करते हुए श्री सतपाल महाराज ने कहा कि सत्संग से विवेक जागृत होता है। संतों ने सिखाया है कि परमपिता परमेश्वर एक है और सर्वत्र व्याप्त है। हम सब मानव हैं। हमें सामाजिक समरसता कायम रखने और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करना आवश्यक है। पर्यावरण व जल संरक्षण पर जोर देते हुए प्लास्टिक को नियंत्रित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। इसकी मर्यादा बनाए रखने के लिए सभी को प्रतिबध्द रहना होगा। उन्होंने पंच संकल्प प्रस्तुत करते हुए स्वदेशी को बढ़ावा देने तथा नागरिक कर्तव्यों का पूरी तरह से पालन करने का आह्वान भी किया। सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को विकास पुरुष बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में अभूतपूर्व विकास हुआ है। बैसाखी महोत्सव के उपलक्ष्य में ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर मानव सेवा उत्थान समिति परिवार की अमृता रावत सुयश महाराज विभू जी महाराज आराध्या मोहना ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद संजय गुप्ता राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी शोभाराम प्रजापति नगर निगम रूड़की की मेयर अनीता अग्रवाल नगर पालिका शिवालिक नगर के अध्यक्ष राजीव शर्मा‌ भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा एससी एसटी आयोग के सदस्य मनोज गौतम जिलाधिकारी मयूर दीक्षित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह‌ एसपी ट्रैफिक निशा यादव सचिव एचआरडीए मनीष कुमार जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार उप जिलाधिकारी रुड़की अनिल शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि और देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आये अनुयायी उपस्थित रहे।

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