प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग जनपद में 22 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। यात्रा को सुरक्षित सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं जिनकी लगातार निगरानी जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा की जा रही है। यात्रा मार्ग को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पूरे पैदल मार्ग पर रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। इस दिशा में प्रशासन द्वारा 600 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं जिससे श्रद्धालुओं को रात्रि के समय भी सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही ट्रेक रूट पर 200 सोलर लाइटें भी लगाई गई हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ निरंतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर स्पष्ट साइनेज और डायवर्जन बोर्ड लगाए गए हैं। इन संकेतकों के माध्यम से यात्रियों को मार्गदर्शन मिलेगा जिससे यात्रा सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेक रूट पर 200 सोलर लाइट और 600 स्ट्रीट लाइट स्थापित कर दी गई हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर साइनेज और डायवर्जन बोर्ड भी लगाए गए हैं ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन द्वारा की जा रही इन व्यवस्थाओं से इस वर्ष केदारनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित व्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग जनपद में 22 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। यात्रा को सुरक्षित सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं जिनकी लगातार निगरानी जिलाधिकारी विशाल मिश्रा द्वारा की जा रही है। यात्रा मार्ग को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पूरे पैदल मार्ग पर रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। इस दिशा में प्रशासन द्वारा 600 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं जिससे श्रद्धालुओं को रात्रि के समय भी सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही ट्रेक रूट पर 200 सोलर लाइटें भी लगाई गई हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ निरंतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर स्पष्ट साइनेज और डायवर्जन बोर्ड लगाए गए हैं। इन संकेतकों के माध्यम से यात्रियों को मार्गदर्शन मिलेगा जिससे यात्रा सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेक रूट पर 200 सोलर लाइट और 600 स्ट्रीट लाइट स्थापित कर दी गई हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर साइनेज और डायवर्जन बोर्ड भी लगाए गए हैं ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन द्वारा की जा रही इन व्यवस्थाओं से इस वर्ष केदारनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित व्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।