प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में वनाग्नि की रोकथाम को लेकर संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे और वनाग्नि से निपटने के लिए समन्वित रणनीति पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वनाग्नि से संबंधित सभी समितियों और स्टेकहोल्डर्स की बैठकें जनवरी माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाएं ताकि फायर सीजन शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थापित फायर हाइड्रेंट्स के लिए समर्पित प्रेशर पाइपलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसके लिए पेयजल विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने वन विभाग को विशेष अभियान चलाकर वनाग्नि रोकथाम से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही वाहनों और उपकरणों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा सभी लीसा डिपो में सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार व्यवस्थाएं बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने वन मौसम और वन सर्वेक्षण संस्थान को वनाग्नि के लिए प्रिडिक्शन मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि संभावित आग की घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके और समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें। इससे जानमाल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। जंगलों में पिरूल के निस्तारण और पिरूल ब्रिकेट के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसे वैकल्पिक ईंधन के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए प्रदेश में अधिक से अधिक इकाइयां स्थापित करने की आवश्यकता है। इससे वनाग्नि की घटनाओं में कमी आने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की आय में भी वृद्धि होगी और इसे कार्बन क्रेडिट से भी जोड़ा जा सकेगा। हरिद्वार जनपद की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर के सिंह मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दयानी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी अधिशासी अभियंता दीपक सैनी विपिन चौहान राजेश गुप्ता सुष्मिता पाण्डे शिशु पाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में वनाग्नि की रोकथाम को लेकर संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे और वनाग्नि से निपटने के लिए समन्वित रणनीति पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वनाग्नि से संबंधित सभी समितियों और स्टेकहोल्डर्स की बैठकें जनवरी माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाएं ताकि फायर सीजन शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थापित फायर हाइड्रेंट्स के लिए समर्पित प्रेशर पाइपलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसके लिए पेयजल विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने वन विभाग को विशेष अभियान चलाकर वनाग्नि रोकथाम से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही वाहनों और उपकरणों का समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा सभी लीसा डिपो में सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार व्यवस्थाएं बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने वन मौसम और वन सर्वेक्षण संस्थान को वनाग्नि के लिए प्रिडिक्शन मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि संभावित आग की घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके और समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें। इससे जानमाल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। जंगलों में पिरूल के निस्तारण और पिरूल ब्रिकेट के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसे वैकल्पिक ईंधन के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए प्रदेश में अधिक से अधिक इकाइयां स्थापित करने की आवश्यकता है। इससे वनाग्नि की घटनाओं में कमी आने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों की आय में भी वृद्धि होगी और इसे कार्बन क्रेडिट से भी जोड़ा जा सकेगा। हरिद्वार जनपद की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर के सिंह मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दयानी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी अधिशासी अभियंता दीपक सैनी विपिन चौहान राजेश गुप्ता सुष्मिता पाण्डे शिशु पाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।