प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा को सुगम सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में तीर्थयात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागों ने अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। ऋषिकुल मैदान में बनाए गए यात्री पंजीकरण केंद्र में ऑफलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। पहला पंजीकरण मध्य प्रदेश के शहडोल जनपद से आए 7 सदस्यीय दल द्वारा कराया गया। इस अवसर पर पंजीकरण कराने पहुंचे तीर्थयात्रियों का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने अतिथि देवो भव की परंपरा के तहत फूल मालाओं से स्वागत किया और उनकी यात्रा मंगलमय सुरक्षित और कुशल हो इसके लिए शुभकामनाएं दीं। पर्यटन विभाग द्वारा ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र स्थापित किया गया है जहां 20 काउंटर बनाए गए हैं और 24 घंटे तीन शिफ्टों में कार्य किया जाएगा। जिन यात्रियों का आधार कार्ड से पंजीकरण संभव नहीं हो पा रहा है उनके लिए अलग से अंगूठा और फेस स्क्रीनिंग काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा 15 मोबाइल टीमें भी बनाई गई हैं जो धर्मशालाओं और आश्रमों में ठहरे यात्रियों का पंजीकरण करेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य काउंटर स्थापित किए गए हैं जहां आवश्यक दवाइयां और उपकरण उपलब्ध हैं। सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक तीन डॉक्टरों की टीम और दोपहर 1 बजे से शाम तक दो टीमों की तैनाती की गई है। एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है तथा यात्रा मार्ग पर विभिन्न भाषाओं में जानकारी देने के लिए होर्डिंग लगाए गए हैं। जल संस्थान विभाग द्वारा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए ऋषिकुल मैदान में 5 स्टैंड पोस्ट लगाए गए हैं और शौचालयों में पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। नगर निगम द्वारा अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है जिसमें महिलाओं और पुरुषों के लिए 10-10 सीट वाले शौचालय बनाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर 4 मोबाइल शौचालय भी लगाए जाएंगे। सफाई व्यवस्था के लिए 16 कर्मचारियों की तैनाती तीन शिफ्टों में की गई है जबकि यात्रा मार्गों पर 105 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए 7 अस्थायी पुलिस चौकियां और 10 पर्यटन पुलिस बूथ बनाए गए हैं। घाटों पर जल पुलिस और पीएसी की टीमें तैनात हैं। जिला आपदा प्रबंधन द्वारा चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है जो 24 घंटे कार्य करेगा। श्रद्धालु 01334 223999, 239444,टोल फ्री 1077 और मोबाइल 9528250926 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एनडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों और घाटों पर तैनात की गई हैं। पूर्ति विभाग द्वारा जनपद के 219 पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी पंपों पर साफ सफाई और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गैस की उपलब्धता के लिए एजेंसियों को मांग भेजी गई है और 5 किलो गैस सिलेंडर आधार कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नगर क्षेत्र के 80 होटलों में पीएनजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की फिटनेस की जांच की जा रही है और नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए केंद्र बनाया गया है जहां अब तक 1843 वाहनों के ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा ढाबों होटलों और रेस्टोरेंट में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है ताकि यात्रियों को शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। दुकानदारों को रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विद्युत विभाग द्वारा यात्रा के दौरान निरंतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा चाय नाश्ता और भोजन के स्टॉल लगाए गए हैं जहां उचित दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उनके स्टॉल भी लगाए गए हैं। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है जो अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सफाई अभियान चला रहे हैं। जिलाधिकारी ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि तीर्थ नगरी को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें और कूड़ा कचरा खुले स्थानों पर न फेंककर निर्धारित स्थानों पर ही डालें।
Spread the love
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। चारधाम यात्रा को सुगम सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में तीर्थयात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागों ने अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। ऋषिकुल मैदान में बनाए गए यात्री पंजीकरण केंद्र में ऑफलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। पहला पंजीकरण मध्य प्रदेश के शहडोल जनपद से आए 7 सदस्यीय दल द्वारा कराया गया। इस अवसर पर पंजीकरण कराने पहुंचे तीर्थयात्रियों का जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने अतिथि देवो भव की परंपरा के तहत फूल मालाओं से स्वागत किया और उनकी यात्रा मंगलमय सुरक्षित और कुशल हो इसके लिए शुभकामनाएं दीं। पर्यटन विभाग द्वारा ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र स्थापित किया गया है जहां 20 काउंटर बनाए गए हैं और 24 घंटे तीन शिफ्टों में कार्य किया जाएगा। जिन यात्रियों का आधार कार्ड से पंजीकरण संभव नहीं हो पा रहा है उनके लिए अलग से अंगूठा और फेस स्क्रीनिंग काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा 15 मोबाइल टीमें भी बनाई गई हैं जो धर्मशालाओं और आश्रमों में ठहरे यात्रियों का पंजीकरण करेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य काउंटर स्थापित किए गए हैं जहां आवश्यक दवाइयां और उपकरण उपलब्ध हैं। सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक तीन डॉक्टरों की टीम और दोपहर 1 बजे से शाम तक दो टीमों की तैनाती की गई है। एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है तथा यात्रा मार्ग पर विभिन्न भाषाओं में जानकारी देने के लिए होर्डिंग लगाए गए हैं। जल संस्थान विभाग द्वारा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए ऋषिकुल मैदान में 5 स्टैंड पोस्ट लगाए गए हैं और शौचालयों में पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। नगर निगम द्वारा अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है जिसमें महिलाओं और पुरुषों के लिए 10-10 सीट वाले शौचालय बनाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर 4 मोबाइल शौचालय भी लगाए जाएंगे। सफाई व्यवस्था के लिए 16 कर्मचारियों की तैनाती तीन शिफ्टों में की गई है जबकि यात्रा मार्गों पर 105 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए 7 अस्थायी पुलिस चौकियां और 10 पर्यटन पुलिस बूथ बनाए गए हैं। घाटों पर जल पुलिस और पीएसी की टीमें तैनात हैं। जिला आपदा प्रबंधन द्वारा चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है जो 24 घंटे कार्य करेगा। श्रद्धालु 01334 223999, 239444,टोल फ्री 1077 और मोबाइल 9528250926 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एनडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों और घाटों पर तैनात की गई हैं। पूर्ति विभाग द्वारा जनपद के 219 पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी पंपों पर साफ सफाई और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गैस की उपलब्धता के लिए एजेंसियों को मांग भेजी गई है और 5 किलो गैस सिलेंडर आधार कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नगर क्षेत्र के 80 होटलों में पीएनजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की फिटनेस की जांच की जा रही है और नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए केंद्र बनाया गया है जहां अब तक 1843 वाहनों के ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा ढाबों होटलों और रेस्टोरेंट में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है ताकि यात्रियों को शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। दुकानदारों को रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विद्युत विभाग द्वारा यात्रा के दौरान निरंतर और सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा चाय नाश्ता और भोजन के स्टॉल लगाए गए हैं जहां उचित दरों पर भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उनके स्टॉल भी लगाए गए हैं। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है जो अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सफाई अभियान चला रहे हैं। जिलाधिकारी ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि तीर्थ नगरी को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें और कूड़ा कचरा खुले स्थानों पर न फेंककर निर्धारित स्थानों पर ही डालें।