प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। कर्णप्रयाग पुलिस ने एक माह पूर्व अलकनंदा नदी किनारे मिले अज्ञात शव की गुत्थी को सुलझाते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के कुशल निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम और विशेष अभियान समूह की वैज्ञानिक जांच व तकनीकी दक्षता से इस सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का सफल अनावरण हुआ है। दिनांक 10 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि लंगासू क्षेत्र में चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी के किनारे एक अज्ञात शव पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि मृतक के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे जिससे मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत हो रहा था। मृतक के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में सूरज पुरोहित लिखा हुआ था किंतु कोई आधिकारिक दस्तावेज न मिलने के कारण तत्काल पहचान संभव नहीं हो सकी। मौके पर आसपास के गांवों के स्थानीय व्यक्तियों को भी शव की शिनाख्त हेतु बुलाया गया किन्तु किसी द्वारा मृतक की पहचान नहीं हो सकी। इस पर पुलिस द्वारा मौके पर ही पंचायतनामा की कार्यवाही संपन्न की गई। साथ ही मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फील्ड यूनिट टीम द्वारा उसके हाथों के फिंगरप्रिंट भी लिए गए। 72 घंटे तक शिनाख्त के प्रयास करने के उपरांत नियमानुसार पोस्टमार्टम कर शव का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के दाहिने हाथ पर “सूरज पुरोहित” अंकित होना ही जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुई। इसी आधार पर पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘पुरोहित’ उपनाम वाले गांवों में छानबीन शुरू की। इस क्रम में गौचर के सामने स्थित बमोथ गांव में उक्त नाम का व्यक्ति गांव के व्हाट्सएप समूह से जुड़ा हुआ पाया गया। इसके बाद प्राप्त मोबाइल नंबर के आधार पर सर्विलांस किया गया जिसमें उसकी अंतिम लोकेशन नन्दप्रयाग क्षेत्र में पाई गई। इस प्रकार विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाया। हत्याकांड में नया मोड़ तब आया जब 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों को देखकर शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। परिजनों ने बताया कि सूरज 15 फरवरी के बाद से अचानक लापता हो गया था। दिनांक 24 मार्च 2026 को मृतक की पत्नी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली कर्णप्रयाग में प्रकरण पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष जांच टीम और विशेष अभियान समूह की संयुक्त टीम का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक सूरज पुरोहित नन्दप्रयाग स्थित नन्दाकिनी होटल में ठहरा हुआ था तथा नरेन्द्र तोपाल के माध्यम से मधुबन ढाबे में कार्य कर रहा था। पूछताछ में नरेन्द्र तोपाल ने प्रारंभ में बताया कि सूरज 15 फरवरी 2026 को काम छोड़कर चला गया था किन्तु स्थानीय स्तर पर जानकारी एकत्र करने पर यह सामने आया कि उसने मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। पुलिस टीम द्वारा नन्दप्रयाग क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों का गहन अवलोकन किया गया। घटना को समय बीत जाने के कारण अधिकांश फुटेज उपलब्ध नहीं हो पाई फिर भी अथक प्रयासों से कुछ महत्वपूर्ण फुटेज प्राप्त हुई। इन फुटेज में दिनांक 16 फरवरी 2026 की रात्रि को नरेन्द्र तोपाल मृतक के शव को एक प्लास्टिक के कट्टे में अपनी अल्टो कार संख्या यूके12ए 3212 की डिग्गी में रखकर झूलाबगड़ पुल की ओर ले जाता हुआ दिखाई दिया तथा कुछ समय बाद वापस लौटकर वाहन धोता हुआ भी नजर आया। उक्त साक्ष्यों के आधार पर जब नरेन्द्र तोपाल से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि दिनांक 16 फरवरी 2026 को उसने सूरज पुरोहित की हत्या कर दी और शव के हाथ-पैर बांधकर रात के समय सैकोट मार्ग स्थित झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया। साथ ही साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतक का मोबाइल फोन एवं अन्य सामान भी नदी में बहा दिया। हत्या का कारण पूछने पर नरेन्द्र तोपाल ने बताया कि वह एक सामाजिक एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति है तथा वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य है। उसने माह जनवरी में मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। उसके अनुसार सूरज पुरोहित शराब का सेवन करता था और नशे की हालत में उसे सार्वजनिक स्थानों पर अपशब्द कहकर अपमानित करता था तथा उधारी को लेकर बार-बार बेइज्जत करता था। करीब ढाई महीने पुराने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर कर्णप्रयाग पुलिस ने अपनी सूझबूझ तकनीकी जांच और निरंतर प्रयासों का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। एफएसएल टीम द्वारा उसके वाहन से भी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित करते हुए आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए जिन्हें वैज्ञानिक जांच हेतु भेजा गया। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था तथा पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए टीम को उत्साहवर्धन स्वरूप 5000 रुपये का पारितोषिक प्रदान किया गया। बरामदगी: घटना में प्रयुक्त कार अल्टो संख्या यूके12ए 3212 अभियुक्त द्वारा हाथ-पैर बांधने में प्रयुक्त रस्सी अभियुक्त नरेन्द्र सिंह तोपाल निवासी ग्राम धारकोट थाना व जिला चमोली उम्र 47 वर्ष पुलिस टीम:प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय नेगी उपनिरीक्षक मानवेन्द्र सिंह गुसाईं उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह मुख्य आरक्षी देवेन्द्र बिष्ट मुख्य आरक्षी प्रदीप बहुखण्डी आरक्षी सतीश गुसाईं आरक्षी चालक संतोष चौहान
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। कर्णप्रयाग पुलिस ने एक माह पूर्व अलकनंदा नदी किनारे मिले अज्ञात शव की गुत्थी को सुलझाते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के कुशल निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम और विशेष अभियान समूह की वैज्ञानिक जांच व तकनीकी दक्षता से इस सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का सफल अनावरण हुआ है। दिनांक 10 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि लंगासू क्षेत्र में चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी के किनारे एक अज्ञात शव पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि मृतक के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे जिससे मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत हो रहा था। मृतक के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में सूरज पुरोहित लिखा हुआ था किंतु कोई आधिकारिक दस्तावेज न मिलने के कारण तत्काल पहचान संभव नहीं हो सकी। मौके पर आसपास के गांवों के स्थानीय व्यक्तियों को भी शव की शिनाख्त हेतु बुलाया गया किन्तु किसी द्वारा मृतक की पहचान नहीं हो सकी। इस पर पुलिस द्वारा मौके पर ही पंचायतनामा की कार्यवाही संपन्न की गई। साथ ही मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फील्ड यूनिट टीम द्वारा उसके हाथों के फिंगरप्रिंट भी लिए गए। 72 घंटे तक शिनाख्त के प्रयास करने के उपरांत नियमानुसार पोस्टमार्टम कर शव का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के दाहिने हाथ पर “सूरज पुरोहित” अंकित होना ही जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुई। इसी आधार पर पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘पुरोहित’ उपनाम वाले गांवों में छानबीन शुरू की। इस क्रम में गौचर के सामने स्थित बमोथ गांव में उक्त नाम का व्यक्ति गांव के व्हाट्सएप समूह से जुड़ा हुआ पाया गया। इसके बाद प्राप्त मोबाइल नंबर के आधार पर सर्विलांस किया गया जिसमें उसकी अंतिम लोकेशन नन्दप्रयाग क्षेत्र में पाई गई। इस प्रकार विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाया। हत्याकांड में नया मोड़ तब आया जब 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों को देखकर शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। परिजनों ने बताया कि सूरज 15 फरवरी के बाद से अचानक लापता हो गया था। दिनांक 24 मार्च 2026 को मृतक की पत्नी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली कर्णप्रयाग में प्रकरण पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष जांच टीम और विशेष अभियान समूह की संयुक्त टीम का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक सूरज पुरोहित नन्दप्रयाग स्थित नन्दाकिनी होटल में ठहरा हुआ था तथा नरेन्द्र तोपाल के माध्यम से मधुबन ढाबे में कार्य कर रहा था। पूछताछ में नरेन्द्र तोपाल ने प्रारंभ में बताया कि सूरज 15 फरवरी 2026 को काम छोड़कर चला गया था किन्तु स्थानीय स्तर पर जानकारी एकत्र करने पर यह सामने आया कि उसने मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। पुलिस टीम द्वारा नन्दप्रयाग क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों का गहन अवलोकन किया गया। घटना को समय बीत जाने के कारण अधिकांश फुटेज उपलब्ध नहीं हो पाई फिर भी अथक प्रयासों से कुछ महत्वपूर्ण फुटेज प्राप्त हुई। इन फुटेज में दिनांक 16 फरवरी 2026 की रात्रि को नरेन्द्र तोपाल मृतक के शव को एक प्लास्टिक के कट्टे में अपनी अल्टो कार संख्या यूके12ए 3212 की डिग्गी में रखकर झूलाबगड़ पुल की ओर ले जाता हुआ दिखाई दिया तथा कुछ समय बाद वापस लौटकर वाहन धोता हुआ भी नजर आया। उक्त साक्ष्यों के आधार पर जब नरेन्द्र तोपाल से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि दिनांक 16 फरवरी 2026 को उसने सूरज पुरोहित की हत्या कर दी और शव के हाथ-पैर बांधकर रात के समय सैकोट मार्ग स्थित झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया। साथ ही साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतक का मोबाइल फोन एवं अन्य सामान भी नदी में बहा दिया। हत्या का कारण पूछने पर नरेन्द्र तोपाल ने बताया कि वह एक सामाजिक एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति है तथा वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य है। उसने माह जनवरी में मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। उसके अनुसार सूरज पुरोहित शराब का सेवन करता था और नशे की हालत में उसे सार्वजनिक स्थानों पर अपशब्द कहकर अपमानित करता था तथा उधारी को लेकर बार-बार बेइज्जत करता था। करीब ढाई महीने पुराने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा कर कर्णप्रयाग पुलिस ने अपनी सूझबूझ तकनीकी जांच और निरंतर प्रयासों का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। एफएसएल टीम द्वारा उसके वाहन से भी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित करते हुए आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए जिन्हें वैज्ञानिक जांच हेतु भेजा गया। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था तथा पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए टीम को उत्साहवर्धन स्वरूप 5000 रुपये का पारितोषिक प्रदान किया गया। बरामदगी: घटना में प्रयुक्त कार अल्टो संख्या यूके12ए 3212 अभियुक्त द्वारा हाथ-पैर बांधने में प्रयुक्त रस्सी अभियुक्त नरेन्द्र सिंह तोपाल निवासी ग्राम धारकोट थाना व जिला चमोली उम्र 47 वर्ष पुलिस टीम:प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय नेगी उपनिरीक्षक मानवेन्द्र सिंह गुसाईं उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह मुख्य आरक्षी देवेन्द्र बिष्ट मुख्य आरक्षी प्रदीप बहुखण्डी आरक्षी सतीश गुसाईं आरक्षी चालक संतोष चौहान