प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उपाध्यक्ष राज्य कर्मचारी सफाई आयोग (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान नगर पालिका सभागार पौड़ी में सफाई कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों अधिकारों सुविधाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों से संबंधित किसी भी प्रकार का भुगतान या देयक एक दिन भी लंबित न रखा जाए तथा भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि सभी सफाई कर्मचारियों को 5 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान किया गया है जिसका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र कर्मचारी को इस योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों के लिए नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच आवश्यक उपचार एवं परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वे सुरक्षित एवं स्वस्थ कार्य कर सकें। बैठक में सैप्टिक टैंक एवं सीवर की सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से मानक सेफ्टी किट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही नमस्ते योजना के अंतर्गत सभी पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा जिससे उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। उपाध्यक्ष ने मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग नामित करने तथा एक समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 जून तक विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र कर्मचारियों को योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि वर्ष 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त सभी शहरी निकायों को अपने-अपने यहां स्वीकृत एवं कार्यरत पदों का अद्यतन विवरण प्रस्तुत करने तथा सभी कर्मचारियों के स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए गए। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील सम्मानजनक एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी शहरी स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं अतः इनके सम्मान सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद पौड़ी संजय कुमार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मंगल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सफाई कर्मचारी एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उपाध्यक्ष राज्य कर्मचारी सफाई आयोग (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान नगर पालिका सभागार पौड़ी में सफाई कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों अधिकारों सुविधाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों से संबंधित किसी भी प्रकार का भुगतान या देयक एक दिन भी लंबित न रखा जाए तथा भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार सफाई कर्मचारियों के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि सभी सफाई कर्मचारियों को 5 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान किया गया है जिसका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र कर्मचारी को इस योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सफाई कर्मचारियों के लिए नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच आवश्यक उपचार एवं परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि वे सुरक्षित एवं स्वस्थ कार्य कर सकें। बैठक में सैप्टिक टैंक एवं सीवर की सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से मानक सेफ्टी किट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही नमस्ते योजना के अंतर्गत सभी पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा जिससे उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। उपाध्यक्ष ने मैनुअल स्कैवेंजिंग एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग नामित करने तथा एक समन्वय समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 जून तक विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र कर्मचारियों को योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि वर्ष 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त सभी शहरी निकायों को अपने-अपने यहां स्वीकृत एवं कार्यरत पदों का अद्यतन विवरण प्रस्तुत करने तथा सभी कर्मचारियों के स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए गए। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील सम्मानजनक एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी शहरी स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं अतः इनके सम्मान सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद पौड़ी संजय कुमार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मंगल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सफाई कर्मचारी एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।