प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पंच केदारों में चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर की आगामी यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा को और अधिक व्यवस्थित सुरक्षित एवं सुगम बनाया जा सके। चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर मंगलवार को एसडीओ मोहन सिंह के नेतृत्व में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मार्ग की स्थिति संवेदनशील स्थल विश्राम बिंदु तथा प्राकृतिक जोखिमों का आकलन किया गया। टीम द्वारा यात्रा मार्ग पर पेयजल अस्थायी शौचालय साफ-सफाई सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव भी संकलित किए गए। वन विभाग की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित सुगम और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पंच केदारों में चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर की आगामी यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा को और अधिक व्यवस्थित सुरक्षित एवं सुगम बनाया जा सके। चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर मंगलवार को एसडीओ मोहन सिंह के नेतृत्व में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मार्ग की स्थिति संवेदनशील स्थल विश्राम बिंदु तथा प्राकृतिक जोखिमों का आकलन किया गया। टीम द्वारा यात्रा मार्ग पर पेयजल अस्थायी शौचालय साफ-सफाई सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव भी संकलित किए गए। वन विभाग की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित सुगम और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।