प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस लाइन चंबा में संचालित आरटीसी प्रशिक्षण के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे द्वारा 25 अप्रैल 2026 से प्रशिक्षण ले रहे 230 रिक्रूट्स को प्रेरणादायक और मार्गदर्शक ब्रीफिंग दी गई। अपने संबोधन में उन्होंने अनुशासन कर्तव्यनिष्ठा ईमानदारी और टीम भावना को एक उत्कृष्ट पुलिसकर्मी की मूल आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि इन गुणों को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने रिक्रूट्स को संबोधित करते हुए कहा कि खाकी वर्दी केवल पहचान नहीं बल्कि सेवा समर्पण और जिम्मेदारी का प्रतीक है जिसे गर्व और प्रतिबद्धता के साथ धारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक पुलिसकर्मी का आचरण ही जनता के मन में पुलिस की छवि बनाता है इसलिए प्रत्येक रिक्रूट को अपने व्यवहार में संवेदनशीलता निष्पक्षता और सजगता बनाए रखनी चाहिए। सभी प्रशिक्षुओं को हर परिस्थिति में धैर्य साहस और सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा आमजन की सुरक्षा और विश्वास को सर्वोपरि रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह समय केवल शारीरिक दक्षता ही नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता और नैतिक मूल्यों के विकास का भी है। रिक्रूट्स को प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने और एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी बनने के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के दौरान अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे जिन्होंने रिक्रूट्स का उत्साहवर्धन किया।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस लाइन चंबा में संचालित आरटीसी प्रशिक्षण के अंतर्गत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे द्वारा 25 अप्रैल 2026 से प्रशिक्षण ले रहे 230 रिक्रूट्स को प्रेरणादायक और मार्गदर्शक ब्रीफिंग दी गई। अपने संबोधन में उन्होंने अनुशासन कर्तव्यनिष्ठा ईमानदारी और टीम भावना को एक उत्कृष्ट पुलिसकर्मी की मूल आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि इन गुणों को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने रिक्रूट्स को संबोधित करते हुए कहा कि खाकी वर्दी केवल पहचान नहीं बल्कि सेवा समर्पण और जिम्मेदारी का प्रतीक है जिसे गर्व और प्रतिबद्धता के साथ धारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक पुलिसकर्मी का आचरण ही जनता के मन में पुलिस की छवि बनाता है इसलिए प्रत्येक रिक्रूट को अपने व्यवहार में संवेदनशीलता निष्पक्षता और सजगता बनाए रखनी चाहिए। सभी प्रशिक्षुओं को हर परिस्थिति में धैर्य साहस और सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा आमजन की सुरक्षा और विश्वास को सर्वोपरि रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह समय केवल शारीरिक दक्षता ही नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता और नैतिक मूल्यों के विकास का भी है। रिक्रूट्स को प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने और एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी बनने के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के दौरान अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे जिन्होंने रिक्रूट्स का उत्साहवर्धन किया।