प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जनपद चमोली में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर विशेष अभियान चलाकर बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोपेश्वर में किया गया। अभियान के तहत जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा स्वास्थ्य केंद्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा दी गई। जिला सूचना शिक्षा एवं संचार प्रबंधक उदय सिंह रावत ने बताया कि बच्चों में पेट के कृमि संक्रमण से कुपोषण एनीमिया कमजोरी तथा शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए वर्ष में दो बार कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। अभियान के दौरान प्रशिक्षित कार्मिकों ने बच्चों को दवा सेवन कराने के साथ-साथ स्वच्छता हाथ धोने और साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने जानकारी दी कि जो बच्चे किसी कारणवश दवा नहीं ले पाए हैं उन्हें 14 मई को आयोजित मॉप-अप दिवस पर दवा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए समय-समय पर कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाएं और स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ललित मोहन बिष्ट राखी चौहान आरकेएसके काउंसलर विक्रम सिंह रावत शिक्षक और छात्राएं उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जनपद चमोली में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर विशेष अभियान चलाकर बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गोपेश्वर में किया गया। अभियान के तहत जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा स्वास्थ्य केंद्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा दी गई। जिला सूचना शिक्षा एवं संचार प्रबंधक उदय सिंह रावत ने बताया कि बच्चों में पेट के कृमि संक्रमण से कुपोषण एनीमिया कमजोरी तथा शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए वर्ष में दो बार कृमिनाशक दवा का सेवन जरूरी है। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी विकासखंडों में स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। अभियान के दौरान प्रशिक्षित कार्मिकों ने बच्चों को दवा सेवन कराने के साथ-साथ स्वच्छता हाथ धोने और साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने जानकारी दी कि जो बच्चे किसी कारणवश दवा नहीं ले पाए हैं उन्हें 14 मई को आयोजित मॉप-अप दिवस पर दवा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए समय-समय पर कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाएं और स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ललित मोहन बिष्ट राखी चौहान आरकेएसके काउंसलर विक्रम सिंह रावत शिक्षक और छात्राएं उपस्थित रहे।