प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 मई से 10 मई 2026 तक आयोजित अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जनपद पौड़ी की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में आग की रोकथाम और सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के तहत चिकित्सा कर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने का अभ्यास कराया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि सरकारी और निजी चिकित्सालयों में अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जिला चिकित्सालय पौड़ी उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर बेस चिकित्सालय कोटद्वार बेस चिकित्सालय श्रीनगर हंस फाउंडेशन सतपुली तथा मां कामाख्या मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल कोटद्वार शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस विभाग के सहयोग से फायर कर्मियों ने चिकित्सा कर्मियों को आग लगने की स्थिति में फायर अलार्म के माध्यम से सूचना देने भर्ती मरीजों को स्ट्रेचर के जरिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय बनाकर कार्य करने की जानकारी दी। इस दौरान अस्पतालों के सभी निकास मार्गों की जांच भी की गई ताकि किसी आपात स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। कार्यक्रम में कृत्रिम रूप से आग लगाकर उसे बुझाने का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिससे चिकित्सा कर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। अग्नि सुरक्षा अभ्यास में विभिन्न चिकित्सालयों के कर्मचारी और पुलिस विभाग के फायर कर्मी मौजूद रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 4 मई से 10 मई 2026 तक आयोजित अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जनपद पौड़ी की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में आग की रोकथाम और सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के तहत चिकित्सा कर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने का अभ्यास कराया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि सरकारी और निजी चिकित्सालयों में अग्नि सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जिला चिकित्सालय पौड़ी उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर बेस चिकित्सालय कोटद्वार बेस चिकित्सालय श्रीनगर हंस फाउंडेशन सतपुली तथा मां कामाख्या मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल कोटद्वार शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस विभाग के सहयोग से फायर कर्मियों ने चिकित्सा कर्मियों को आग लगने की स्थिति में फायर अलार्म के माध्यम से सूचना देने भर्ती मरीजों को स्ट्रेचर के जरिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय बनाकर कार्य करने की जानकारी दी। इस दौरान अस्पतालों के सभी निकास मार्गों की जांच भी की गई ताकि किसी आपात स्थिति में मरीजों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। कार्यक्रम में कृत्रिम रूप से आग लगाकर उसे बुझाने का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिससे चिकित्सा कर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। अग्नि सुरक्षा अभ्यास में विभिन्न चिकित्सालयों के कर्मचारी और पुलिस विभाग के फायर कर्मी मौजूद रहे।