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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। शासन के निर्देशों के अनुपालन में एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में जनपद हरिद्वार में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन गायत्री तीर्थ शांतिकुंज एवं पतंजलि योगपीठ में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर गुजरात के सोमनाथ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के अदम्य इतिहास के प्रतीक स्वरूप सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में शांतिकुंज के अंतःवासियों कार्यकर्ताओं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार विभिन्न साधना सत्रों एवं प्रशिक्षण शिविरों में आए प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता की। इस दौरान शोभायात्रा रुद्राभिषेक आरती और दीपोत्सव जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी गणेश चंद्र पांडेय एवं सुरेंद्र सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शांतिकुंज की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने अपने संदेश में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना आत्मगौरव और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों और चुनौतियों के बावजूद मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीय समाज की अटूट श्रद्धा और राष्ट्रीय स्वाभिमान को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।‌ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पंड्या ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास यह संदेश देता है कि भारतीय संस्कृति को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल अतीत की स्मृति नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने का अभियान है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को जीवन में अपनाने की अपील की। शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मंदिर भारत की आस्था संघर्ष और पुनरुत्थान का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विशेष पूजा-अर्चना के पश्चात देशभर में स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह पर्व 1000 वर्षों की अटूट आस्था का स्मरण कराता है तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान को और सुदृढ़ करता है। उधर पतंजलि योगपीठ में भी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत हवन भाषण एवं रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्निका एवं उत्कृषिणी ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास और कार्यक्रम के महत्व की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रोफेसर अनिल कुमार वाइस प्रिंसिपल डॉ. शगिरीश के जे डॉ.सी.बी. धनराज‌ डिप्टी डायरेक्टर संस्कृति विभाग आशीष कुमार सुशील नौटियाल मनोज जकमोला गणेश पांडे सुरेंद्र तथा आचार्य विक्रम सहित पतंजलि योगपीठ के छात्र-छात्राएं अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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