प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जलभराव की सभी सूचनाओं पर संबंधित विभागों एवं आपदा प्रबंधन टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया तथा जल निकासी के लिए त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के बावजूद जनपद में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र को प्राप्त सभी सूचनाओं पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। रुड़की क्षेत्र में बसेड़ी तालाब के समीप निर्माणाधीन भवन के चारों ओर जलभराव होने से दो लोगों के फंसने की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों व्यक्तियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। वहीं वार्ड संख्या-19 मंगलौर नगर पंचायत पड़ली गुर्जर साउथ सिविल लाइन रुड़की ग्राम मंडावली तथा भगवानपुर क्षेत्र के एक्कल खुर्द गांव में जलभराव की सूचनाओं पर संबंधित विभागों की टीमें भेजकर राहत कार्य कराए गए। हरिद्वार रेलवे रोड स्थित काली कमली धर्मशाला के पास पेड़ गिरने से तीन शेड क्षतिग्रस्त हो गए और दो लोग घर के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही फायर सर्विस पुलिस और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाया और दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा लालढांग क्षेत्र में एक मकान की दीवार गिरने रुड़की की पुरानी तहसील के समीप शिव मंदिर परिसर में जलभराव मंगलौर क्षेत्र के कई घरों में पानी घुसने तथा लक्सर क्षेत्र में गुलजार अहमद के खेत तक पानी पहुंचने की सूचनाओं पर भी संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। भगत सिंह चौक के पास रेलवे पुलिया के नीचे फंसी एक बस को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला जबकि चौधरी चरण सिंह कॉलोनी में जलभराव की शिकायत पर भी तत्काल कार्रवाई की गई। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में किसी भी राष्ट्रीय राज्य अथवा जिला मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है तथा सभी प्रमुख सड़क मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। हालांकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार निगरानी में है। भीमगोड़ा बैराज पर दोपहर दो बजे जलस्तर 290.90 मीटर तथा शाम चार बजे 290.95 मीटर दर्ज किया गया जो 293.00 मीटर के चेतावनी स्तर और 294.00 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। वर्षा का सर्वाधिक रिकॉर्ड लक्सर में 180 मिमी रुड़की में 160 मिमी हरिद्वार में 122 मिमी रोशनाबाद में 115 मिमी तथा भगवानपुर में 45 मिमी दर्ज किया गया। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जलभराव की सभी सूचनाओं पर संबंधित विभागों एवं आपदा प्रबंधन टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया तथा जल निकासी के लिए त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के बावजूद जनपद में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र को प्राप्त सभी सूचनाओं पर संबंधित विभागों द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। रुड़की क्षेत्र में बसेड़ी तालाब के समीप निर्माणाधीन भवन के चारों ओर जलभराव होने से दो लोगों के फंसने की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों व्यक्तियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। वहीं वार्ड संख्या-19 मंगलौर नगर पंचायत पड़ली गुर्जर साउथ सिविल लाइन रुड़की ग्राम मंडावली तथा भगवानपुर क्षेत्र के एक्कल खुर्द गांव में जलभराव की सूचनाओं पर संबंधित विभागों की टीमें भेजकर राहत कार्य कराए गए। हरिद्वार रेलवे रोड स्थित काली कमली धर्मशाला के पास पेड़ गिरने से तीन शेड क्षतिग्रस्त हो गए और दो लोग घर के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही फायर सर्विस पुलिस और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाया और दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा लालढांग क्षेत्र में एक मकान की दीवार गिरने रुड़की की पुरानी तहसील के समीप शिव मंदिर परिसर में जलभराव मंगलौर क्षेत्र के कई घरों में पानी घुसने तथा लक्सर क्षेत्र में गुलजार अहमद के खेत तक पानी पहुंचने की सूचनाओं पर भी संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। भगत सिंह चौक के पास रेलवे पुलिया के नीचे फंसी एक बस को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला जबकि चौधरी चरण सिंह कॉलोनी में जलभराव की शिकायत पर भी तत्काल कार्रवाई की गई। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में किसी भी राष्ट्रीय राज्य अथवा जिला मार्ग के बंद होने की सूचना नहीं है तथा सभी प्रमुख सड़क मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। हालांकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा लगातार जारी है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार निगरानी में है। भीमगोड़ा बैराज पर दोपहर दो बजे जलस्तर 290.90 मीटर तथा शाम चार बजे 290.95 मीटर दर्ज किया गया जो 293.00 मीटर के चेतावनी स्तर और 294.00 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। वर्षा का सर्वाधिक रिकॉर्ड लक्सर में 180 मिमी रुड़की में 160 मिमी हरिद्वार में 122 मिमी रोशनाबाद में 115 मिमी तथा भगवानपुर में 45 मिमी दर्ज किया गया। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय प्रशासन को दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।